ताबूत में आए शव को पकड़कर बिलखती मां कलावती।
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उड़ी में आतंकी हमले में शहीद हुए गणेश शंकर यादव के अंतिम दर्शन के लिए मंगलवार सुबह से ही लोग जुटने लगे थे। अपराह्न करीब 1.18 बजे बिहार रेजीमेंट के जवान पार्थिव शरीर लेकर घूरापाली गांव स्थित शहीद गणेश के घर पहुंचे।
वैसे ही पत्नी और मां गणेश के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखने लगीं। तीनों बच्चे भी फफक-फफक कर रो पड़े। उन्हें देखकर अंतिम दर्शन को आया हर शख्स अपने आंसू नहीं रो पाया। श्रद्धांजलि देने के बाद पार्थिव शरीर को लेकर करीब 2.15 बजे लोग अंतिम संस्कार के लिए निकले। इस दौरान गणेश की अंतिम यात्रा में चल रहे लोगों की जुबां पर बस यही बात थी गणेश शंकर अमर रहे, गणेश तेरा बलिदान नही जाएगा खाली। पाकिस्तान मुर्दाबाद, अब विकास-विकास नहीं पाकिस्तान चाहिए।
मोदी सरकार पाकिस्तान पर हमला करों, जैसे नारों से क्षेत्र की फिजा गुंजायमान हो उठी। सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच उठ रही मांग को सुनकर जनप्रतिनिधि और अफसर भी आपस में चर्चा करने लगे। सभी के मन में गणेश को खोने का दर्द था। 3.55 बजे राप्ती के सिसई घाट पर शहीद गणेश को छह वर्षीय बेटे आकृत ने मुखाग्नि दी। घाट पर लोग यहीं चर्चा कर रहे थे कि अब वक्त आ गया है कि आतंकवाद का सफाया करने के लिए सिर्फ शब्द नहीं तोप, बंदूक चलाया जाए, वरना कोई मां अपना बेटा खोती रहेगी, कोई पत्नी अपना पति और बच्चे अपना पिता।