टीम के सर्वे में 80 फीसदी लोग मिले पात्र
करीब छह घंटे मौके पर मौजूद रह कर टीम ने 150 लोगों से की पूछताछ
आवास प्लस की बेबसाइट पर बढ़या ठाठर के 819 लोगों के नाम हैं दर्ज
यूपी में पहले चरण में संतकबीरनगर जिले के बढ़या ठाठर गांव का हुआ था चयन
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर/मेंहदावल । भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय आवास के डायरेक्टर गया प्रसाद की अगुवाई में सात सदस्यीय टीम सोमवार को मेंहदावल विकास खंड के ग्राम पंचायत बढ़या ठाठर में पहुंची, जहां आवास प्लस पर अपलोड आवास के जरूरतमंद वंचित लोगों की पात्रता की हकीकत की जांच की। करीब छह घंटे चली जांच-पड़ताल में करीब 80 फीसदी लोग आवास के जरूरतमंद पाए गए।
पीएम आवास की पात्रता के लिए शर्त है कि सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना 2011 की सूची में नाम दर्ज हो। ऐसे ही पात्र को आवास दिए जाने का नियम है। छूटे हुए पात्र को यदि सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना की सूची में नाम नहीं है तो उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं दिया सकता है। आवास प्लस की बेबसाइट पर उत्तर प्रदेश से करीब 54 लाख जरूरतमंद वंचितों के नाम अपलोड हैं। इसमें संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल विकास खंड के बढ़या ठाठर गांव से 819 वंचितों के नाम अपलोड हैं। ऐसे में भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय आवास की ओर से संतकबीरनगर जिले के बढ़या ठाठर गांव का चयन पहले ही चरण में कर लिया गया था। उसी के तहत भारत सरकार की सात सदस्यीय टीम डायरेक्टर गया प्रसाद की अगुवाई में सोमवार को बढ़या ठाठर पहुंची। साथ में ग्रामीण विकास उत्तर प्रदेश के ज्वाइंट कमिश्नर प्रदीप सिंह, संतकबीरनगर के डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रमोद यादव व मेंहदावल के बीडीओ ज्ञानेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। भारत सरकार की टीम ने पात्रता की सत्यता जांचने के लिए बढ़या ठाठर गांव में पहुंच कर आवास प्लस की बेबसाइट पर अपलोड पात्रों के घरों का पता अपने मोबाइल से जीपीएस सिस्टम के सहारे खुद ढूंढी। कुल नौ पुरवे में से छह पुरवे पर पहुंचकर करीब 150 लोगों की पात्रता की जांच की। इसमें 80 फीसदी लोग पात्र पाए गए। डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रमोद यादव ने बताया कि टीम ने मौके पर ऑनलाइन लाभार्थियों के घरों का पता खुद तलाशा। उसके बाद उनके घरों पर पहुंचकर वंचित लोगों से खुद पूछताछ की और उनके घरों की फोटो मौके से ही आवास प्लस की बेबसाइट पर दुबारा अपलोड की। करीब 150 लोगों की जांच की तो उसमें 80 फीसदी लोग पात्र पाए गए। उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष में वंचित लाभार्थियों को आवास का लाभ दिया जाएगा।