अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के आह्वान पर सोमवार को मदरसा शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मदरसा शिक्षकों ने मांग की कि मदरसा आधुनिक शिक्षकों को स्थायी किया जाए। वहीं शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्री मांगपत्र डीएम को दिया।
संघ के जिलाध्यक्ष निसार अहमद खान के नेतृत्व में मदरसा आधुनिक शिक्षक पूर्वाह्न 11 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित मदरसा एवं मकतब आधुनिकीकरण योजना अंतर्गत कार्यरत मदरसा आधुनिक शिक्षकों के सामने तमाम समस्याएं है। प्रदेश में करीब तीस हजार आधुनिक शिक्षक 23 वर्षों से शिक्षा देते आ रहे हैं, लेकिन शिक्षकों को उचित मानदेय नहीं मिल रहा है। प्रदेश मीडिया प्रभारी वसीउल्लाह ने कहा कि कुछ केंद्रों पर दो से तीन वर्ष का मानदेय बकाया है।
शिक्षकों को बढ़ाने के बजाय पूर्व से कार्यरत चौथे शिक्षक के पद को समाप्त करके मानदेय रोक दिया गया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासचिव काजी हिसामुद्दीन ने कहा कि शिक्षकों को स्थायी किया जाए, विगत 2009 से मानदेय में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है, महंगाई को देखते हुए मानदेय की बढ़ोत्तरी की जाए पूर्व में कार्यरत चौथे शिक्षकों को बहाल कर उनका मानदेय भुगतान किया जाए।
मदरसा शिक्षकों को प्रतिमाह मानदेय भुगतान के लिए प्रदेश सरकार को आदेशित किया जाए। जिससे उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इस दौरान नुरूल्लाह खां, ऐनुलहक, गुलाम रूवानी, रोशन अली, अब्दुल वहीद अंसारी, मुहम्मद अली, मुहम्मद जमील अहमद, मुहम्मद नजीब अंसारी, मुहम्मद अहमद, मोहम्मद जिबराइल, शाकिर अली, सरवर अली, मोहम्मद इरशाद, रूखसाना खातून, कलीम सिद्दीकी, मुहम्मद उमर, नवी अव्वल, अब्दुल्लाह, मोहम्मद वारिश, अबरार अहमद, मोहम्मद सुहेल, मुहम्मद हफीज, मोहम्मद हमीद, सरवरे आलम जावेद, मुहम्मद इरफान, मोहम्मद शमशाद, मुनीरजवानुल्लाह आदि लोग शामिल रहे।