अंतरजनपदीय शिक्षकों ने प्रभारी बीएसए का घेराव किया।
- फोटो : अमर उजाला
अंतरजनपदीय तबादले पर आए शिक्षकों ने विद्यालयों पर तैनाती की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रभारी बीएसए का घेराव किया। शिक्षकों ने बीएसए से विद्यालयों पर तैनाती देने की मांग की। शिक्षकों ने कहा कि अंतरजपदीय तबादले पर आए तीन माह का समय बीत गया, पर अभी तक वेतन नहीं मिला। जिससे उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभारी बीएसए ने एक सप्ताह में विद्यालयों पर तैनाती का आश्वासन दिया। जिसके बाद शिक्षक मान गए।
घेराव कर रहे शिक्षक पंकज कुशवाहा, अमिताभ विश्वकर्मा, अरविंद कुमार, रामपति निषाद, संजय प्रसाद, मनोज कुमार मिश्र आदि ने कहा कि दिसंबर में ट्रांसफर होकर आए हैं। तीन माह का समय बीत चुका है, पर अभी तक उनको विद्यालयों पर तैनाती नहीं मिली। इसके लिए कई बार बीएसए से वे लोग मिले पर पर वे टालते रहे। उसके बाद आचार संहिता लग गई। जिसकी वजह से उन लोगों को विद्यालयों पर तैनाती नहीं मिली। 12 मार्च को आचार संहिता समाप्त हो गई। जिसके बाद बीएसए से मिला गया, पर उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। मंगलवार को बीएसए का विजिलेंस टीम ने पकड़ लिया।
जिसके बाद उनकी तैनाती फिर से लटक गई है। शिक्षकों ने कहा कि तीन माह से उनका वेतन नहीं मिला है। इसके साथ ही आयकर कटौती भी नहीं हो पा रही है। जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। शिक्षकों की समस्या सुनने के बाद प्रभारी बीएसए शिव कुमार ओझा ने कहा कि अभी उन्होंने चार्ज लिया है। एक सप्ताह में सभी शिक्षकों को विद्यालयों पर तैनाती दे दी जाएगी। इस अवसर पर कमलेश, सुधीर सिंह, ओम प्रकाश वर्मा, रामकलेश, शैलेष कुमार, अरविंद कुमार सिंह, पवन कुमार, गुलाब चंद, रवींद्र कुमार, विजय कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।