संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा-चार तक की छात्र-छात्राएं वर्तमान शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। इसके लिए सभी शिक्षकों को बीआरसी पर एफएलएन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद शिक्षक बच्चों को गुणवत्तापरक और योजनाबद्ध ढंग से पढ़ाएंगे।
प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों में मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना तथा शिक्षकों को बाल-केंद्रित, गतिविधि आधारित शिक्षण विधियों से दक्ष बनाना है। प्रशिक्षण में शिक्षण-अधिगम सामग्री, प्रभावी गतिविधियों, आकलन तथा बच्चों की सीखने की प्रगति से संबंधित जानकारी दी जा रही है।
शिक्षकों की एफएलएन संबंधी समझ और कक्षा-कक्षीय दक्षताओं को प्रभावी बनाकर सभी बच्चे को पढ़ने, लिखने एवं गणितीय क्षमताओं में दक्ष बनाना है। बेसिक शिक्षा विभाग एनसीईआरटी किताबों को उत्तर प्रदेश के संदर्भ में अपडेट करते हुए चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है।
आगामी शिक्षण सत्र से कक्षा आठ तक कक्षाओं में एनसीईआरटी किताबों ही चलाए जाने की योजना है। सबसे पहले कक्षा एक व दो में एनसीईआरटी किताबें लागू हो गई थीं। विगत सत्र 2025-26 में कक्षा तीन में एनसीईआरटी की किताबों को लागू किया गया। वर्तमान शिक्षण सत्र में कक्षा-चार तक एनसीईआरटी बेस्ड किताबें विद्यालयों तक पहुंच चुकी हैं।
कक्षा-पांच से आठ तक में परंपरागत किताबों से पढ़ाई होगी। उसके लिए अलग से टेंडर जारी कर किताबें विद्यालयों में उपलब्ध करा दी गई हैं। उन्होंने बताया कक्षा-चार में वीणा (भाषा), संतूर (अंग्रेजी), गणित मेला, हमारा अद्भुत संसार (पर्यावरण), संस्कृत सुधा, बांसुरी कला शिक्षा, रियाजी (उर्दू) आदि नई किताबों व कार्य पुस्तिका से पढ़ाई होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अगले साल कक्षा-आठ तक की एनसीईआरटी किताबें व कार्य पुस्तिका के प्रकाशन और निशुल्क वितरण के लिए विद्यालयों में बच्चों के नामांकन की सूचना मांगी जा रही है।
कक्षा-पांच से आठ तक की एनसीईआरटी किताबों को यूपी के संदर्भ में अपडेट करने का काम बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दिया है। सभी ब्लॉकों में प्रशिक्षण का दो चरण संपन्न हो चुका है। शिक्षकों के तीसरे चरण के प्रशिक्षण की प्रक्रिया चल रही है।