हरिहरपुर/ महुली। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीटों पर जारी मतदान के बीच नाथनगर ब्लॉक पर मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे शिक्षक मतदाताओं ने इस बार अपने हितों और हक की आवाज बुलंद की है। अपना वोट देकर पोलिंग बूथ से बाहर आए मतदाता शिक्षकों के प्रमुख मुद्दों में वेतन विसंगति और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली की दिखी।
शिक्षकों का कहना था कि केवल जुबानी वादों से नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर शिक्षकों की समस्याओं को सुलझाना जरूरी है। शिक्षकों ने जुबानी भरोसा देने वालों को नकारने के साथ इस बार मान-सम्मान के मुद्दों पर भी वोट दिया है।
शिक्षकों की पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने के लिए शिक्षकों के साथ संघर्ष करने वाले प्रत्याशी को वोट दिया। मताधिकार के जरिये हमने ऐसे प्रत्याशी को चुना जो हम लोगों के हक की लड़ाई को धार दे सके।
-अभिमन्यु सिंह, शिक्षक
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शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं में वेतन विसंगति है। ऐसा प्रत्याशी जो हम लोगों की लड़ाई विधान परिषद में लड़े उसे अपना वोट दिया। वेतन विसंगति जैसे मुद्दे पर शिक्षकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले प्रत्याशी को ही जिताएंगे।
-विश्व विजय, शिक्षक
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शिक्षकों के मान-सम्मान की लड़ाई लड़ने वाले को अपना मत दिया। अब वादों से काम नहीं चलेगा शिक्षकों को उनका हक दिलाने वाले प्रत्याशी को ही समर्थन देंगे।
-दया शंकर, शिक्षक
अबकी बार शिक्षक वोटर वादा खिलाफी करने वाले प्रत्याशी को सबक जरूर सिखाएंगे। हम उसी प्रत्याशी को वोट दिया जो वादा नहीं जमीनी स्तर पर शिक्षकों के साथ संघर्ष करे।
-राहुल कुमार, शिक्षक
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शिक्षकों के मान-सम्मान की रक्षा करने वाले को इस बार वोट दिया। सरकारी भाषणों से नहीं शिक्षकों की बुनियादी जरूरतों और जरूरी सुविधा मुहैया कराने के लिए संघर्ष करने वाला ही हमारा प्रतिनिधि होगा।
-अब्दुल करीम, शिक्षक