धंसे स्थल पर रखी गईं रेत की बोरियां।
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घाघरा के जल स्तर में तेजी के साथ वृद्धि हो रही है। इससे एमबीडी बांध पर दबाव बढ़ रहा है। हाल यह है कि बारिश और दबाव के चलते तुर्कवलिया नायक गांव के पास बांध को सुरक्षित रखने और नदी का धारा मोड़ने के उद्देश्य से इस वर्ष बनाया गया ठोकर धंस गया। आनन फानन में विभाग के लोग उस स्थान पर बालू भरी बोरी डाल कर उसे मजबूत होने का दावा कर रहा है। सोमवार को एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया
घाघरा का पानी एमबीडी बांध से सटकर कई स्थानों पर बह रहा है। जिससे नदी और बांध के बीच बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी के दियारे में बोई गई फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। तुर्कवलिया नायक गांव के पास नदी की धारा मोड़ने और कटान रोकने के उद्देश्य से बनाया गया ठोकर रविवार को धंस गया। जिस पर बालू की बोरी सिंचाई विभाग रखकर उसे मजबूत होने का दावा कर रहा है।
नदी का पानी काली मंदिर के करीब से बह रहा है। यदि कटान हुआ तो मंदिर भी नदी की धारा में विलीन हो जाएगा। गांव वालों का कहना है कि नदी इसी तरह बढ़ी तो बांध के दक्षिण बसे लोगों को पलायन करना पडे़गा। सोमवार को एसडीएम इंद्रभान तिवारी और एसओ एमपी चतुर्वेदी तुर्कवलिया नायक गांव के सामने बांध पर पहुंचे और स्थित का जायजा लिया।
गांव वालों ने बताया कि नदी के पानी के दबाव से बनाया गया स्पर कुछ जगहो पर बैठने लगा है। एसडीएम ने कहा कि बांध पूरी तरह सुरक्षित दिख रहा है। कही पर खतरा नही है। बांध पर हुए रेनकट को भरने के लिए सिंचाई विभाग के लोगों को निर्देशित किया गया है।