फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाला भेजा गया जेल

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाला भेजा गया जेल
विज्ञापन

- बलरामपुर के आरोपी ने फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र के जरिए डॉयट में चपरासी पद पर हथियाई थी नौकरी
- सिद्धार्थनगर के बांसी डॉयट से वर्ष 2012 में संतकबीरनगर डॉयट में करा लिया था तबादला
- डॉयट प्राचार्य ने कराया सत्यापन तो उजागर हुआ मामला
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र के सहारे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नौकरी हथियाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। संतकबीरनगर डॉयट के प्राचार्य प्रताप सिंह बघेल की ओर से वर्ष 2018 में आरोपी के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कराया गया था।
विज्ञापन

क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर केपी यादव ने बताया कि आरोपी विवेक कुमार पुत्र रामजी श्रीवास्तव निवासी सुभाषनगर कोतवाली उतरौला जनपद बलरामपुर ने वर्ष 2008 में फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र बनवाकर सिद्धार्थनगर जनपद के बांसी डॉयट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नौकरी हासिल कर ली थी। उसने दिखाया था कि इसके पूर्व वह राजकीय कन्या उच्चतर प्राथमिक विद्यालय मसकनवा गोंडा में कार्यरत रहा। वर्ष 2012 में आरोपी ने बांसी डॉयट से संतकबीरनगर डॉयट में अपना स्थानांतरण करा लिया था। संतकबीरनगर डॉयट के प्राचार्य प्रताप सिंह बघेल ने उसके नियुक्ति प्रमाण पत्र का सत्यापन कराया तो आरोपी विवेक कुमार का नियुक्ति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। उसके बाद वर्ष 2018 में प्राचार्य की ओर से आरोपी विवेक कुमार पर जालसाजी का केस कोतवाली खलीलाबाद में दर्ज कराया गया था। एसपी की ओर से मामले की विवेचना की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को दी गई थी। जांच में फज्री नियुक्ति पत्र का मामला सही पाए जाने के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें