संतकबीरनगर। जिले में निकाय चुनाव के तहत दूसरे चरण में 11 मई को मतदान होना है। चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। प्रत्याशी और समर्थक, वोटरों को अपनी तरफ मोड़ने का हर हथकंडा अपना रहे हैं। दावतों का भी दौर शुरु हो गया। हालांकि, मतदाताओं की खामोशी प्रत्याशियों की नींद उड़ा दी है। अब प्रत्याशी और समर्थकों को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं लोग आखिरी वक्त में उनकी जगह दूसरे को न वोट दे दें।
मतदाता अब जागरूक हो गए हैं। वे झांसे में नहीं आ रहे। मतदाताओं ने चुप्पी साध ली है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे- वैसे मतदाताओं को जोड़ने-तोड़ने के लिए जोर-आजमाइश भी बढ़ रही है।
साहब, नेताजी चुनाव बाद थोड़े न आएंगे
नगर पालिका के सीमा विस्तारित क्षेत्र के एक गांव में बृहस्पतिवार को गजब नजारा देखने को मिला। दोपहर करीब दो बजे एक नेताजी मतदाताओं को एकत्र कर बता रहे थे, फला प्रत्याशी को वोट दीजिएगा। उसी बीच एक युवक बोल पड़ा कि मीट, शराब और पैसा लेने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। चुनाव जीतने के बाद कोई भरोसा नहीं है कि नेता जी दोबारा फिर आएंगे अथवा नहीं।
जो कुछ देगा, लेंगे, मगर वोट वहीं देंगे जहां मन कहेगा
इसी तरह विस्तारित क्षेत्र के ही दूसरे गांव में एक नेता जी एक वोटर के घर पहुंचे और जोर-जोर से आवाज देकर बाहर निलकले के लिए गृहस्वामी से कहा। तभी एक महिला अंदर से निकली और बोली कि बताइए क्या कहना है। नेताजी वोट मांगे तो महिला बताई कि कुछ देर पहले दूसरे उम्मीदवार आए थे और साड़ी दे गए हैं, आप क्या देंगे। नेता ने 200 का नोट थमाया। नेता के जाते ही महिला बोली कि चुनाव में भी कंजूसी। अब वोट उसी को देंगे, जहां मन करेगा।