संतकबीरनगर। न्यायिक तहसीलदार के फैसले के आधार पर छितही गांव की महिला ने फर्जीवाड़ा करके तीन लोगों से जमीन और मकान के बैनामे के लिए 80 लाख रुपये में एग्रीमेंट कर दिया। पीड़ित की शिकायत के बाद एडीएम की जांच में मामला सही पाया गया है। पीड़ित ने एसपी को तहरीर देकर फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब चारों आरोपियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
दो दिन में ही न्यायिक तहसीलदार के राजस्व संहिता के 130 मामलों का निपटारा कर दिया था। उसकी जद में महुली थाना क्षेत्र के छितही गांव के हफीजुर्रहमान आ गए। हफीजुर्रहमान के अनुसार, वह और उनके तीन भाइयों अली अहमद, अजीजुर्रहमान व ओवैदुर्रहमान ने वर्ष 1983 में राम जियावन और इकबाल से जमीन बैनामा ली थी।
बिना खारिज-दाखिल कराए चारों ने वर्ष 2018 में नक्शा पास कराकर मकान बनवा लिया। यह नगरपालिका के रिकॉर्ड में दर्ज है। नगर पालिका के टैक्स विभाग सिर्फ अली अहमद का नाम दर्ज हुआ था। इसकी जानकारी अली अहमद की बहू को थी। वह वर्ष 2016 से ही जमीन हड़पने की साजिश में लगी थी। उसने जालसाजी करके अपने पति एवं ससुर को वर्ष 2016 में मृत दर्शाते हुए तहसीलदार खलीलाबाद के न्यायालय में वाद दाखिल किया। नामांतरण प्रसूचना के लिए अपना तथा अपनी दो बच्चियों का नाम डाला। यह मामला चलता रहा। मार्च 2023 में बहू ने मामले के जल्द निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्र दिया। उसे सितंबर में स्वीकृत कर लिया गया। महिला ने उसी दिन तत्कालीन न्यायिक तहसीलदार से नामांतरण आदेश पारित करा लिया।