ओपीडी में मरीजों को परामर्श देके डॉॅ. सुखदेव।
संतकबीरनगर। ठंड के साथ ही उंगलियों में तेज दर्द के साथ सूजन आ जा रही है। साथ-साथ तेज दर्द से मरीज परेशान रहे हैं। ऐसे में चिलब्लेन्स का खतरा बढ़ जाता है, शुरुआती लक्षण दिखने पर इसका इलाज जरूरी है। चिकित्सक इलाज के साथ ही बचाव के उपाय बता रहे हैं।
ठंड में पिछले एक सप्ताह से चिलब्लेन्स के मरीज बढ़ गए हैं। इस बीमारी से उंगलियों में सूजन के साथ-साथ तेज दर्द से मरीज परेशान हैं। तेज खुजली होने से जख्म तक हो जा रहा है। चिकित्सक लक्षण दिखने के साथ ही इसका इलाज कर रहे है। इन दिनों त्वचा रोग विशेषज्ञों के पास पांच में 10 मरीज चिलब्लेन्स के आ रहे हैं। सीएचसी खलीलाबाद के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुखदेव ने बताया कि हाथ-पैर समेत शरीर का जो हिस्सा खुला रहता है, उनमें ठंडे पानी और ठंडी हवा के संपर्क में आने पर रक्त का संचार कम हो जाता है। फिर धीरे-धीरे सूजन और लालिमा शुरू हो जाती है। आगे चलकर त्वचा का रंग नीला तक पड़ जाता है। तेज खुजली शुरू हो जाती है। खुजलाने से कई मरीजों को जख्म तक हो जाता है।
वहीं, ज्यादातर मरीजों को इस बीमारी में तेज दर्द भी शुरू हो जाता है। सूजन के कारण मवाद तक हो जाता है। जिन लोगों को ये बीमारी पहले भी हो चुकी होती है, उन्हें बार-बार ठंड में चिलब्लेन्स हो जाता है। ये बीमारी आनुवांशिक भी है। बच्चों को भी ये बीमारी होती है, मगर उनकी संख्या कम रहती है।
अधिकतर 30 साल से अधिक आयु के मरीज इस समस्या के दिखाने आते हैं। उन्होंने लोगों को ठंडक से बचाव करने की सलाह दी है। कहा कि बीमारी का इलाज करीब एक महीने तक चलता है। जितनी जल्दी इलाज शुरू कर देंगे, उतनी जल्दी बीमारी ठीक हो जाएगी।