संतकबीरनगर। अमन के हत्यारों ने पुलिस से बचने के लिए बहुत सारे प्रयास किए थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। चार बार हुई पुलिस की पूछताछ में आरोपी रविप्रकाश हर बार मुकर जाता था, लेकिन पुलिस के हाथ सीसीटीवी और सर्विलांस के ऐसे सूत्र लगे, जिनकी बदौलत पुलिस उन तक पहुंचने में कामयाब हो गई।
पुलिस सूत्रों की मानें तो इस घटना के बाद उन्हें जो सबसे बेहतर सुराग मिला वह सर्विलांस और सीसीटीवी के जरिए ही मिला। अपराधियों ने 10 मार्च की रात में 8:30 बजे के बाद ही इस घटना को अंजाम दिया था। लेकिन इससे पहले उन्होंने अपने मोबाइल फोन को बंद कर दिया था, ताकि घटना के बाद पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस न कर सके। पुलिस ने जब सीडीआर निकालने के साथ ही बीटीएस टाॅवर में सक्रिय मोबाइल की लोकेशन को छांटना शुरू किया तो आरोपियों में से किसी का मोबाइल सक्रिय नहीं मिला।
यही नहीं जिन दोस्तों के बीच बराबर बात होती थी, उनके बीच बात होने का अंतराल भी कम हो गया। इसी बीच पुलिस को सबसे बड़ी लीड सीसीटीवी ने दी। इसमें रात के समय रवि प्रकाश उर्फ रोहित अमन का ई रिक्शा लेकर जाते हुए दिखाई दिया। उसके पीछे-पीछे मोटरसाइकिल से उसका दोस्त हरिकेश सिंह जाते हुए दिखा।