- सैकड़ों एकड़ फसल डूबने के कगार पर
- चपरा पूर्वी व तुरकौलिया में एमबीडी तटबंध से टकराने लगी धारा
- खतरे के निशान से महज 40 सेंटीमीटर नीचे बह रही नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। सरयू नदी सोमवार को खतरे के निशान के करीब पहुंच गई। मांझा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। चपरा पूर्वी व तुरकौलिया में नदी की धारा एमबीडी तटबंध से टकराने लगी है। मांझा क्षेत्र के मदरा, छपरा मगर्वी, रामपुर बारह कोनी में नदी का दबाव तटबंधों पर पड़ना शुरू हो गया है।
सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद मांझा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बिड़हर घाट पर नदी के जलस्तर में लगातार बढाेतरी दर्ज की जा रही है। सोमवार की शाम नदी का जलस्तर 79.000 दर्ज किया गया है, जबकि खतरे के निशान 79.400 से नदी मात्र 40 सेंटीमीटर नीचे है।
नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए ग्रामीण चिंतित हैं। सरयू का जलस्तर बढ़ने से गायघाट समेत आधा दर्जन गांवों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सरयू के जलस्तर में हो रही वृद्धि से हैंसर ब्लाक के करनपुर, कंचनपुर, गायघाट, कठहा, सियरकला, ढोलबजा, चकदहा, भउआपार, गुनवतिया, सरैया, खड़गपुर, सियाराम अधीन, दौलतपुर, गुलहरिया, खालेपुरवा, लाल तुरकौलिया गांव बाढ़ से घिरने लगे हैं।
ग्रामीण अवधेश, ज्ञानचंद, चन्द्रभान, वंशराज, मनीराम, राम सजन, नरसिंह, बलिन्दर आदि ने बताया कि बाढ़ से अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश की जा रही है। इस संबंध में सहायक अभियंता बाढ़ खण्ड द्वितीय सतीश चंद ने बताया कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। तटबंधों की निगरानी भी की जा रही है।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क है। हल्का लेखपाल की मौके पर ड्यूटी लगाई गई है।
- रमेश चंद्र, एसडीएम, धनघटा