मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में 20 मई से चल रहा ग्रीष्मावकाश अब समाप्ति की ओर है। विभागीय कैलेंडर के अनुसार 15 जून को अवकाश खत्म हो जाएगा और 16 जून से प्राथमिक, कंपोजिट और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फिर से चहल-पहल व पठन-पाठन शुरू हो जाएगा।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि लगभग एक माह से अधिक समय तक बंद रहे स्कूलों में अब बच्चों की चहल-पहल लौटेगी। कक्षाओं के संचालन के साथ प्रार्थना सभा, खेल गतिविधियां, पुस्तकालय उपयोग, मध्याह्न भोजन और विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम भी फिर नियमित रूप से शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को विद्यालय खुलने से पहले साफ-सफाई, नामांकन सत्यापन, छात्र उपस्थिति और शिक्षण सामग्री की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। कई विद्यालयों में गर्मी और बरसात को देखते हुए पेयजल, पंखों और बैठने की व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं का स्वागत तो होगा। शैक्षिक सत्र से परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित आकलन करने के लिए निपुण तालिका तैयार करना अनिवार्य कर दिया गया है। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत लागू की जा रही यह व्यवस्था बच्चों में बुनियादी साक्षरता, संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गाइड लाइंस और आधिकारिक आदेश के मुताबिक 15 जून तक गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद 16 जून से सभी स्कूल दोबारा खोल दिए जाएंगे।
इस दिन से बच्चे पहले की तरह नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में लौटेंगे। स्कूलों को इस शेड्यूल के हिसाब से तैयारी करने का आदेश दिया है। नए सत्र के लिए स्कूल परिसरों को पहले से साफ-सुथरा और व्यवस्थित कर लिया जाएगा। सत्र के पहले दिन हमेशा की तरह विद्यालय में विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा। निपुण तालिका के प्रभावी क्रियान्वयन से प्राथमिक स्तर पर शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार होगा और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर शिक्षक कमजोर छात्रों की पहचान कर उन पर विशेष ध्यान दे सकेंगे।