संतकबीरनगर। अब पीएमश्री विद्यालयों के विद्यार्थी किताबों में पढ़ने के बजाय मॉडल देखकर सौरमंडल, कोण और दूरी की अलग-अलग इकाइयों को आसानी से समझ सकेंगे। इसके लिए विद्यालय परिसर में विज्ञान एवं गणित गार्डन विकसित किया जाएगा। शासन ने पहले चरण में जिले के एक पीएमश्री विद्यालय में गार्डन विकसित करने के लिए पांच लाख रुपये का बजट जारी किया है।
जिले में वर्तमान में 1,246 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें 18 पीएमश्री विद्यालय शामिल हैं। शासन ने पहले चरण में किसी एक पीएमश्री विद्यालय का चयन कर वहां विज्ञान एवं गणित गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे विद्यालय का चयन किया जाएगा, जहां पर्याप्त जगह उपलब्ध हो और आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों को पहुंचने में परेशानी न हो।
गार्डन में विज्ञान और गणित से जुड़े विभिन्न मॉडल लगाए जाएंगे। इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थी विषयों की अवधारणाओं को व्यावहारिक तरीके से समझ सकेंगे। सौरमंडल मॉडल से सूर्य और आठ ग्रहों की जानकारी मिलेगी। दूरी मापक मॉडल के माध्यम से मिलीमीटर, सेंटीमीटर, मीटर और किलोमीटर जैसी इकाइयों के बीच अंतर समझाया जाएगा।
एबेकस से विद्यार्थी जोड़-घटाव और गणना का अभ्यास करेंगे। वहीं, एक्स-वाई जियोबोर्ड पर बिंदुओं को जोड़कर अलग-अलग आकृतियां बनाते हुए ज्यामिति की अवधारणाओं को समझ सकेंगे।
ये मॉडल होंगे खास
विज्ञान एवं गणित गार्डन में सोलर सिस्टम, ट्रैफिक टावर, दिशा टावर, दूरी मापक, कोण प्रदर्शन, फिजिकल बैलेंस, एबेकस, एक्स-वाई जियोबोर्ड और मानव धड़ के मॉडल लगाए जाएंगे। ड्रोन मॉडल के माध्यम से विद्यार्थी उसके प्रमुख हिस्सों और कार्यप्रणाली को समझेंगे। एआर चार्ट के जरिये मानव विकास और सौरमंडल से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
विज्ञान एवं गणित गार्डन के लिए पीएमश्री विद्यालय का चयन जल्द किया जाएगा। चयनित विद्यालय में दूसरे स्कूलों के विद्यार्थियों को भी भ्रमण कराया जाएगा। इससे बच्चे मॉडल देखकर विज्ञान और गणित की अवधारणाओं को आसानी से समझ सकेंगे। गार्डन विद्यार्थियों के लिए सीखने के साथ प्रयोग और जिज्ञासा का केंद्र बनेगा।
अमित कुमार सिंह, बीएसए