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छात्र नेताओं ने प्राचार्य को दो घंटे तक बनाया बंधक

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धरना दे रहे छात्रो को समझाते कोतवाल।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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छात्र नेताओं ने प्राचार्य को दो घंटे तक बनाया बंधक
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स्नातक द्वितीय वर्ष के 200 छात्रों के फेल होने पर किया हंगामा
एचआरपीजी कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेेबाजी की
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज के स्नातक द्वितीय वर्ष के 200 विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा में फेल हो गए हैं। इससे नाराज छात्र नेताओं ने शुक्रवार को कॉलेज में हंगामा किया। प्राचार्य को उनके कक्ष में बंद कर दिया। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा।
छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस भी पहुंच गई। प्राचार्य ने विश्वविद्यालय को पत्र लिखने की बात कही। इसके बाद छात्र नेता मान गए। छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया लाल के नेतृत्व में छात्र नेता सुबह 10:30 बजे कॉलेज गेट पर हंगामा करने लगे। प्राचार्य को कक्ष में बंद कर दिया।
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छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया यादव ने कहा कि इस साल वार्षिक परीक्षा में कॉलेज के स्नातक द्वितीय वर्ष के करीब 200 छात्र-छात्राएं फेल हो गई हैं। यह कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही है। इसके लिए विश्वविद्यालय को पत्र लिखने की बात कही गई तो प्राचार्य ने इंकार कर दिया। सूचना पर कोतवाल विजय नारायण फोर्स के साथ पहुंचे।
उन्होंने छात्र नेताओं को मनाने का प्रयास किया पर छात्र नेता नहीं माने। प्राचार्य को कक्ष से बाहर नहीं आने दिया। करीब 12:30 बजे तक प्राचार्य अपने कक्ष में बंद रहे। पुलिस ने प्राचार्य से छात्र नेताओं की बातचीत कराई। प्राचार्य ने छात्र हित में विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। उसके बाद छात्र नेता मान गए। इस दौरान शैलेंद्र कुमार यादव, अशोक यादव, संदीप, जयकरन, राजेेश, अंशुल, विजय, जयशंकर आदि मौजूद रहे।
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आपस में भिड़े छात्रसंघ के पदाधिकारी
प्राचार्य कक्ष के बाहर छात्र नेता हंगामा कर रहे थे।, उसी दौरान छात्रसंघ की उपाध्यक्ष निधि त्रिपाठी पहुुंच गईं। छात्र नेताओं ने उन्हें बाहर करने के लिए नारेबाजी करने लगे। छात्र नेताओं का आरोप था कि उपाध्यक्ष छात्र हित में कोई कार्य नहीं करती हैं। छात्रसंघ की उपाध्यक्ष निधि त्रिपाठी ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने पढ़ाई कर परीक्षा दी है वह पास हुए हैं। यह कॉलेज का माहौल खराब करने का प्रयास है।
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कोट
विद्यार्थियों के हित को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखा जा रहा है। कॉपी विश्वविद्यालय प्रशासन जांच कराता है। इसमें कॉलेज का कोई योगदान नहीं होता है।
-ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, प्राचार्य, एचआरपीजी कॉलेज
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