धनघटा। नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थियों से कमीशन की मांग को लेकर नगर पंचायत कार्यालय से लेकर परियोजना अधिकारी कार्यालय तक के जिम्मेदार कमीशन मांगने वालों के विरुद्ध सख्त रवैया अपना रहे हैं, तो वही ग्राम पंचायत में दिव्यांग और दैवीय आपदा से प्रभावित सीएम आवास पाने वाले लाभार्थियों से खुलेआम कमीशन की वसूली जा रही है। लोगों का कहना है कि इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी तक पहुंच भी रही है, लेकिन वह खामोशी अख्तियार किए हुए हैं।
विकास खंड हैंसर बाजार में दैवीय आपदा से प्रभावित और दिव्यांग मिलाकर 204 लाभार्थियों के खाते में मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रथम किस्त 40-40 हजार रुपये भेजी गई है। इसी के साथ पीएम आवास योजना के 117 लाभार्थियों को भी प्रथम किस्त दी गई है। विकास खंड पौली में सीएम आवास योजना के 88 में से 85 और पीएम आवास योजना के 132 में से 127 लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त भेजी गई। दोनों ब्लॉकों में कमीशन वसूली की लगातार शिकायतें आ रही हैं। लाभार्थियों का कहना है कि ग्राम प्रधान के जरिए उनसे 20,000 रुपये की मांग यह कर की जा रही है कि ऊपर के सब लोगों को देना पड़ता है। तब जाकर आवास की स्वीकृति होती है। नाम न छापने की शर्त पर एक दिव्यांग लाभार्थी ने बताया कि उसके गांव में सभी लाभार्थियों से वसूली की जा रही है। इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी से की गई, लेकिन वह शांत बैठे हुए हैं। कमीशन की मांग पर नगर पंचायत के जरिए उठाए गए कदम का असर ग्राम पंचायत में भी मंगलवार को दिखा। लाभार्थियों का कहना है कि जिस तरह नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारी किसी को कमीशन न देने का एलान कर रहे हैं। उसी तरह की घोषणा ग्राम पंचायत में भी होनी चाहिए, जिससे लाभार्थी जागरूक होकर भ्रष्टाचार का शिकार होने से बच सकें।
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नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा के प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थियों को किसी को भी एक रुपया कमीशन के नाम पर न देने के के लिए पहले से ही आगाह किया जा रहा है। इसके बावजूद, लोग दलालों के झांसे में आ जा रहे हैं, जो कष्ट की बात है। नगर पंचायत के प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थियों से आग्रह है कि अगर कोई उनसे कमीशन की मांग करता है तो इसकी सूचना नगर पंचायत के ईओ और अध्यक्ष को दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। कमीशन की मांग करने वाले के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -रिंकू मणि, अध्यक्ष, नगर पंचायत हैंसर बाजार
प्रधानमंत्री आवास योजना हो या मुख्यमंत्री आवास योजना, लाभार्थियों को कमीशन के रूप में किसी को भी एक रुपया देने की जरूरत नहीं है। ग्राम प्रधान हों या ग्राम पंचायत अधिकारी, किसी के नाम से यदि कमीशन की मांग की जाती है तो इसकी लिखित सूचना ब्लॉक पर दें, जिससे कमीशन की मांग करने वाले के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा सके। -रामप्रताप पांडेय, बीडीओ, हैंसर बाजार