संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय के की बैठक हुई। इस दौरान डीएम ने कहा कि चिकित्सालय में उपकरण खराब की स्थिति में नहीं रहना चाहिए। अगर कहीं ऐसी स्थिति है तत्काल इसकी सूचना उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान डीएम ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालन आख्या की समीक्षा की। इसमें जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के भुगतान की स्थिति, गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव का आंकड़ा, ओपीडी/आईपीडी में माहवार मरीजों की संख्या के सापेक्ष दवाओं का वितरण आदि शामिल हैं।
चिकित्सालयों में बायोमेडिकल उपकरणों, एक्स-रे मशीन की क्रियाशीलता आदि के संबंध में भी डीएम ने एक-एक कर सभी चिकित्सालयों के चिकित्साधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में चिकित्सालय में उपलब्ध उपकरण खराब नहीं होने चाहिए, खराब होने की दशा में इसकी सूचना से संबंधित चिकित्साधिकारी/ऑपरेटर तत्काल अवगत कराएं।
डीएम ने कहा कि सभी चिकित्साधिकारी अपने चिकित्सालयों में मरीजों के उचित देखभाल से संबंधित बेसिक सुविधाओं जैसे-बैठने की व्यवस्था, पानी, शौचालय, व्हीलचेयर सहित अन्य चिकित्सीय उपकरणों आदि के सुचारू संचालन सुनिश्चित रखें। उन्होंने कहा कि चिकित्साधिकारी अपने कार्यों एवं जिम्मेदारियों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करें, कार्यों के प्रति लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
डीपीएम विनीत कुमार श्रीवास्तव ने एजेंडा बिंदु सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति से अगवत कराया। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कदापि लापरवाही न बरती जाए, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का रूटीन टीकाकरण, बच्चों में कुपोषण के स्थिति की जांच आदि की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के व्यवस्थित संचालन, ग्रामीण स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकत्रियों जैसे-आशा एवं एएनएम की कार्य प्रणाली, संस्थागत प्रसव आदि से सम्बंधित समीक्षा नियमित रूप से करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन एवं आउटपुट की सतर्क मॉनीटरिंग भी की जाए।
सीएमएस डाॅ. भवनाथ पांडेय, एसीएमओ डाॅ. वीपी पांडेय, डाॅ. महेंद्र प्रसाद, डब्ल्यूएचओ एवं यूनिसेफ के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।