पत्रकार वार्ता करते जगतगुरू रामानुजाचार्य
संतकबीरनगर। देवरहा बाबा के शिष्य, सनातन धर्म हिंदू रक्षा वाहिनी के परमाध्यक्ष एवं विश्व हिंदू परिषद की परामर्श समिति के मंत्री जगतगुरु रामानुजाचार्य ने वर्तमान समय में सनातन धर्म की परंपराओं और धार्मिक मूल्यों पर मंडरा रहे संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सनातन धर्म विरोधी तत्वों के विरुद्ध सख्त और त्वरित कार्रवाई पर बल देते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा में लगातार अवरोध उत्पन्न किए जा रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बनकटवां स्थित देवरहा बाबा मठ में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान परमाध्यक्ष जगतगुरु रामानुजाचार्य ने देवरहा बाबा के भक्तों को उलाहना देने और उनकी आस्था पर प्रश्नचिह्न लगाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है, बल्कि सनातन संस्कृति के मूल्यों पर सीधा प्रहार भी है। उन्होंने सनातन धर्म की पुनः प्रतिष्ठा (परिस्थापना) को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इसके लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर ठोस, ईमानदार और संवेदनशील प्रयास करने होंगे। साथ ही उन्होंने युवाओं एवं समस्त सनातनियों से एकजुट होकर धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया।
परमाध्यक्ष ने विश्वास जताया कि सनातन मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन से भारत भविष्य में विश्व पटल पर एक सशक्त हिंदू राष्ट्र के रूप में उभरेगा तथा पुनः विश्वगुरु की भूमिका में अपनी पहचान स्थापित करेगा। इस दौरान उन्होंने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और प्रशासन से समुचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही देवरहा बाबा जी को समर्पित अष्टधातु की सिंहासन मूर्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ये मूर्तियां असुरक्षित स्थिति में हैं और उनकी रखवाली मात्र दो सिपाहियों के सहारे सौंप दी गई है, जो प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। परमाध्यक्ष जगतगुरु रामानुजाचार्य ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस संवेदनशील और आस्था से जुड़े विषय को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो सनातन धर्म हिंदू रक्षा वाहिनी को लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।