बखिरा। नवसृजित नगर पंचायत बखिरा के विकास के लिए स्ट्रीट लाइट लगाई गई, लेकिन लगने के दो माह के भीतर ही खराब हो गईं। धीरे- धीरे एक दर्जन से अधिक स्ट्रीट लाइट जलनी बंद हो गई है। ऐसे में शाम होते ही सड़कें पुन: अंधेरे में डूब जा रही हैं। हालांकि नगर पंचायत बेहतर क्वालिटी की स्ट्रीट लाइट लगाने का दावा कर रही थी, किंतु लोगों का आरोप है कि निम्न गुणवत्ता की लाइटें लगाने से वह खराब हो रही हैं।
नगर पंचायत बखिरा में अमरडोभा से लगायत नौरों तक कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट दो माह पहले लगाई गई थी। यह लाइटें बखिरा-ख़लीलाबाद एनएच मार्ग पर लगा गईं। स्ट्रीट लाइट कुछ दिनों तक ठीक जलने के बाद एक-एक करके खराब होने लगीं। अब स्थिति यह है कि सड़क किनारे लगीं दो तिहाई स्ट्रीट लाइट बंद हो चुकी हैं या जल बुझ रही हैं।
नगर पंचायत के विनोद मद्धेशिया, विवेकानंद त्रिपाठी, संतोष गुप्ता, मो. शरीफ, बलराम सिंह, रामनयन, मो. सफी, बोधई, राजेश बरनवाल, अमर सिंह ने कहा कि दो माह पूर्व लगी स्ट्रीट लाइट से आसपास रहने वालों के साथ ही राहगीरों को भी आवागमन में काफी सहूलियत हो गई थी। सड़क पर उजाला होने से रात के समय आवागमन काफी आसान हो गया था, किंतु एक-एक करके अधिकतर लाइट खराब होकर बंद होना शुरू हो गई हैं, या बंद होने के कगार पर हैं। इससे सड़क पर अंधेरा होने से नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे मुख्य मार्ग पर रखी गिट्टी से फिसल कर कई लोग गिरकर जख्मी हो चुके हैं। इसकी जानकारी जिम्मेदारों को दी गई, लेकिन उच्च गुणवत्ता की लाइट लगाने का दावा करने वाले उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं।
लोगों का कहना है कि ब्रांडेड कंपनी की लाइट लगाने के बजाय जिम्मेदारों की मिलीभगत से घटिया क्वालिटी के लाइट लगाई गई हैं। नतीजतन दो माह के भीतर ही अधिकतर लाइट खराब हो गई हैं। लोगों ने मामले की जांच करके कार्रवाई की मांग की है।
इस बाबत अधिशासी अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि बंद या खराब हो चुकीं सभी स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र ही ठीक करने का निर्देश ठेकेदार को दे दिया गया है। लाइट ठीक नहीं करने की दशा में संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।