रोसयाबाजार। किसानों की मेहनत पर छुट्टा पशु पानी फेर रहे हैं। किसान फसल तैयार करने में रात-दिन एक कर दिए हैं। वहीं, नीलगाय और छुट्टा पशु फसल को बर्बाद कर दे रहे हैं। रात-दिन रखवाली के बाद भी फसल बचाना मुश्किल हो गया है।
इस समय जैसे-जैसे ही गेहूं की फसल तैयार हो रही है, छुट्टा जानवर और नीलगाय उसे बर्बाद कर रहे हैं। शंकरपुर, पडरिया, कुड़वा, रामपुर, गोसेसिंहपुर, चकिया छपरामगरबी, चौराकला धौरहरा, मटौली, रोसयाबाजार, तिलकुपूर, तेजपुर, नारायणपुर, रामपुर खेवसिया, गौवापार समेत तमाम गांवों के सिवान में नीलगाय का आतंक है। क्षेत्र के किसान राममिलन यादव, मेंहदी हुसैन, इश्तियाक अहमद, अनिल नायक, कुलदीप यादव, दीनानाथ, सभाजीत यादव, उमेश यादव, मोहम्मद कलीम, अतीमुल्लाह, शौकत अली, विजय सिंह आदि का कहना है कि इन दिनों गेहूं की फसल को नीलगाय इस तरह बरबाद कर रही हैं कि किसानों को रखवाली करना मुसीबत भरा हो रहा है। खेत के चारों तरफ बाड़ लगाकर घेराबंदी करके भी बचाना मुश्किल हो गया है। इस बार नीलगाय, छुट्टा पशु उगते ही गेहूं की फसल को चट कर रहे हैं। इससे किसान काफी निराश हैं। लोगों ने इससे निजात दिलाने की मांग की है।