संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष सतविंदर पाल सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के खिलाफ बताते हुए नाराजगी जताई है। इसके साथ ही इस संबंध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जिलाध्यक्ष सतविंदर पाल सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल कानूनी व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और महिला सशक्तीकरण का मजबूत आधार है। इससे महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। संवाद