खलीलाबाद। कोतवाली क्षेत्र में नशे में धुत सौतेले पिता रामकेश ने चार वर्षीय रो रहे बेटे आदर्श को चुप कराने के लिए पैर से मार दिया। इससे मासूम चौकी से गिरकर घायल हो गया। मामला 30 सितंबर का है। बीआरडी में इलाज के दौरान रविवार दोपहर में मासूम की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बस्ती जिले के हरदी निवासी जानकी की शादी करीब दस वर्ष पहले वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के नंदानगर निवासी युवक से हुई थी। दंपती दो बेटों आयुष (6) और आदर्श (4) के साथ रह रहे थे। करीब दो वर्ष पहले जानकी का प्रेम संबंध गांव के ही रामकेश प्रजापति से हो गया। इसके बाद पंचायत के निर्णय से दोनों पति-पत्नी अलग हो गए। बड़ा बेटा आयुष पिता के साथ रहने लगा, जबकि जानकी छोटे बेटे आदर्श को लेकर रामकेश के साथ खलीलाबाद आ गईं।
रामकेश सरयू नहर कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान में फास्ट फूड की दुकान चलाकर जीवनयापन कर रहा था। सब कुछ सामान्य चल रहा था कि 30 सितंबर की शाम करीब सात बजे वह दुकान बंद कर घर लौटा। उस समय आदर्श चौकी पर बैठकर जोर-जोर से रो रहा था। बताया जाता है कि नशे में धुत रामकेश ने बच्चे को चुप कराने के लिए पैर से जोर से पैर से मार दिया।
इस पर वह चौकी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन पहले चार दिनों तक बस्ती, खलीलाबाद और गोरखपुर में उसका इलाज कराते रहे। जब मासूम की हालत में सुधार नहीं हुआ तो शनिवार को रामकेश ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना बच्चे की मां जानकी ने मेडिकल चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी सौतेले पिता राकेश को हिरासत में लेकर खलीलाबाद कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। वहीं, शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।