आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस कार्यक्रम की छह दिवसीय कार्यशाला सोमवार को खुशी मंत्र के साथ संपन्न हुई। इसमें भाग ले रहे लोगों को योगा, ध्यान और सुदर्शन क्रिया के माध्यम से तनाव, चिंता व क्रोध को दूर कर आत्मविश्वास से रहना, आंतरिक ऊर्जा बढ़ाना तथा विपरीत परिस्थितियों में भी तनावमुक्त और प्रसन्नचित रहने के गुर सिखाए गए। प्रशिक्षक अमित जैन ने बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं और महिलाओं को सुदर्शन क्रिया सिखाया और कहा कि यह सांसों की एक अनूठी प्रक्रिया है। जिसे हम रोज की जिंदगी में उतारकर तनावमुक्त, शांतमन से रोजमर्रा के तनाव को दूर कर सकते हैं। उन्होंने लोगों को सूर्य नमस्कार व अन्य योगासन भी सिखाया। प्रशिक्षिका ज्योत्सना पाल ने प्राणायाम और भस्त्रिका के बारे में बताया तथा कहा कि प्राणायाम और ध्यान हमें शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत करता है तथा विचारों व भावनाओं को नियंत्रित करता है। शिविर में लोगों ने अपने अनुभव भी बांटे। पत्रकार रामफेर वर्मा, डॉक्टर आनंद दीपक रूंगटा व दीपक विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी आंतरिक ऊर्जा में बढोत्तरी हुई है। कार्यक्रम में पर्यावरण की रक्षा, स्वच्छ भारत अभियान तथा आस-पास के लोगों को तनाव मुक्त करने का संकल्प लिया। शिविर में सुनील गुप्ता, विजय प्रताप सिंह, पवन जायसवाल, विनीत चड्ढा, श्रवण अग्रहरि आदि लोग उपस्थित रहे।
योग दिवस पर कार्यक्रम आज
आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वाधान में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सुबह छह बजे से साढ़े सात बजे तक योगा, प्राणायाम एवं ध्यान योग शिविर आयोजित किया गया है। कार्यक्रम गायत्री मंदिर के सामने स्थित एक मैरेज हाल में होगा। इसी तरह हीरालाल राम निवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बीएड विभाग के अध्यक्ष पुर्णेशनारायण सिंह ने बताया कि महाविद्यालय में भी योग शिविर लगाया जाएगा।