संतकबीरनगर। राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग को लेकर बुधवार को आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर भड़ास निकाली। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र डीएम को दिया। साथ ही चेतावनी दी यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
आशा बहू संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान और आशा कर्मचारी यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ता 11 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची और धरने पर बैठ गई। यूनियन की जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बने करीब नौ माह बीत गए है, लेकिन सरकार आशा कार्यकर्ताओं से किए गए वादे पूरा करने में सरकार नाकाम रहीं है। कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी बनाने और न्यूनतम मानदेय दिए जाने का आश्वासन दिया था। सरकार बन गई। इसके बाद भी लगातार कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में अब धैर्य जवाब दे रहा हैं। कहा कि अभी तो चेतावनी देने के लिए एकदिवसीय धरना दिया जा रहा है, इसके बाद यदि बजट में आशा कार्यकर्ताओं के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आर-पार करी लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान बिंदू देवी, चित्रकला पांडेय, संजना मिश्रा, संजू प्रभा, मीरा चौधरी, कमलावती देवी, अनीता देवी, उर्मिला देवी, गायत्री सिंह, सरिता श्रीवास्तव, आरती देवी, गीता गुप्ता, गुड्डी, प्रमिला यादव, फूला देवी, मधुबाला, ललिता देवी, संकलावती देवी, ऊषा शर्मा, गायत्री भट्ट, जाहिदा खातून, चंद्रकला, नीलम पांडेय, लालचंद्र, हसमुख लाल शर्मा आदि मौजूद रहे।