संतकबीरनगर। जनपद में 100 रुपये के पेनाल्टी पर स्टांप वाद का निस्तारण किया जाएगा। स्टांप कमी के मामले में संबंधित को जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। स्टांप में मूल धन की कमी और उस पर लगा ब्याज जमा करके वाद का निस्तारण कराया जा सकेगा। 31 दिसंबर 2024 से पूर्व के बैनामा में स्टांप वाद की कमी का निस्तारण 31 मार्च तक किया जाएगा।
स्टांप पंजीयन विभाग में एक मुश्त समाधान योजना लागू किया गया है। इसमें भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत लंबित वाद का निस्तारण किया जाएगा। रजिस्ट्री की तारीख से लेकर वाद निस्तारित होने की तिथि तक डेढ़ प्रतिशत मासिक एवं 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लिया जाता था। साथ ही इससे पूर्व स्टांप कमी के मामलों में चार गुना तक अर्थदंड वसूल होता था। जो पक्षकारों के लिए भारी आर्थिक बोझ बन जाता था।
नई योजना के तहत यह अर्थदंड घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है। इससे वाद लंबित रहने से बढ़ने वाले ब्याज का बोझ भी कम होगा। इसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित न्यायालय पक्षकारों को नोटिस भेजेंगे। इच्छुक पक्षकार निर्धारित प्रारुप पर आवेदन कर सकते हैं। संबंधित अधिकारी आवेदनों पर एक सप्ताह के भीतर तिथि निर्धारित करके आवश्यक कार्रवाई करेंगे। इससे न केवल वादों की संख्या घटेगी, बल्कि जनता को त्वरित समाधान का लाभ मिलेगा।
सभी न्यायालय में लंबित हैं 551 स्टांप कमी के मामले
जनपद में स्टांप कमी के 551 वाद आज भी लंबित हैं। मंडलीय, जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी समायक आयुक्त स्टांप न्यायालय में स्टांप कमी के वाद विचाराधीन हैं। विभागीय जानकारों की मानें तो इन 551 स्टांप वाद में चार करोड़ 71 लाख रुपये राजस्व बकाया चल रहा है। ऐसे सभी वाद निस्तारण 31 मार्च तक एक मुश्त समाधान योजना के तहत होगा।
कोट
विभाग में एक मुश्त समाधान योजना संचालित है। जिसके तहत 31 मार्च के अंदर 10 रुपये पेनाल्टी पर स्टांप वाद का निस्तारण किया जाएगा। जिन पक्षकारों के स्टांप वाद विभिन्न न्यायालयों में चल रहे हैं। वह इस योजना का लाभ लेकर अपने वाद का निस्तारण करा सकते हैं।
-ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, सहायक आयुक्त स्टांप