संतकबीरनगर। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। सफाई कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। शासन की अनदेखी से नाराज संगठन के जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम, महामंत्री नरेंद्र कुमार, नौ ब्लॉकों के अध्यक्ष समेत 15 सफाई कर्मियों ने सिर भी मुड़वाया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूूत्री मांग पत्र डीएम को दिया।
उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम के नेतृत्व में सफाई कर्मचारी सुबह दस बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अपने हक के लिए धरना देना पड़ रहा है। उन्होंने पंचायत राज विभाग के सफाई कर्मचारियों का पदनाम पंचायत सेवक किए जाने की मांग की।
जिला महामंत्री नरेंद्र कुमार ने सफाई कर्मचारियों के बकाया चिकित्सा प्रतिपूर्ति का बजट सभी जिलों में भेजने की मांग की। पूर्व प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष लालचंद्र चौहान ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का शोषण किसी भी दशा में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को ग्राम पंचायत अधिकारी के पदों पर पदोन्नति देने की आवाज उठाई। जिला कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं। सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है।
यदि 28 जनवरी तक मांगों को पूरा नहीं किया गया तो एक फरवरी को विधान सभा का घेराव करेंगे। धरना में राजेंद्र प्रसाद, मान सिंह यादव, राम बचन, कृष्ण कुमार यादव, विवेक पांडेय, ध्रुवचंद्र कन्नौजिया, दिलीप कुमार गुप्ता, राम सागर, मनोज चौहान, राजेश कुमार, कमलेश कुमार, सजन लाल, राम निवास गौड़, राम पाल, चंदगी राम, छट्ठूलाल, ध्यानचंद्र, संजीव कुमार, गंगाराम, भुआल कुमार, शंभू यादव, हरिशंकर चौधरी, लालमन, दयानंद, जुग्गीलाल आदि लोग शामिल रहे।