प्रभु यीशु का जन्मदिन समारोह बृहस्पतिवार की रात से शुरू हो गया। प्रभु के संदेश से लोगों को रूबरू कराया गया। खुशी से बच्चे झूम उठे। एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी।
बरदहिया बाजार स्थित सेंटथामस स्कूल में क्रिसमस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान झांकियां सजाई गईं। चर्च पर रोशनी से सजाया गया। देर रात्रि में विशेष प्रार्थना और प्रवचन हुए। इसके साथ ही क्रिसमस केक काटा गया। ईसामसीह के जन्म के बारे में पवित्र बाईबिल से पाठ पढ़ा गया।
इस दौरान लोगों ने एक दूसरे को प्रभु यीशु के जन्मदिन की बधाई दी। सेंट थामस स्कूल के प्रधानाचार्य फादर जोशी वर्टिकल ने कहा कि क्रिसमस से इंसानियत की सीख मिलती है।
क्रिसमस को विनम्रता का त्यौहार भी माना जाता है। ईश्वर ने अपने को शून्य बनाया। मानव अपना घमंड छोड़ने से ही अपने से जीवन की सारी कार्य क्रिया में गुणवत्ता ला सकते हैं।
इसलिए विनम्रता की अमूल्य सीख हर व्यक्ति अपने जीवन में उतारें, क्रिसमस पर यही संदेश सभी के लिए होना चाहिए। ईसा मसीह के जन्म दिन को ही क्रिसमस के पर्व के रुप में मनाया जाता है। ईसामसीह के जन्म के बारे में पवित्र बाईबिल से पाठ पढ़ा जाता है। इस दौरान लोगों ने एक दूसरे को बधाई दीं।