संतकबीरनगर। एसपी ने थानों में दबाए रखे पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच शुरू करा दी है। यदि पोस्टमार्टम में मौत का राज दबा होगा और परिजन केस दर्ज कराने में आगे नहीं आए होंगे तो पुलिस खुद इसमें केस दर्ज कराएंगी। ऐसे मामलों में खुद पुलिस या चौकीदार से तहरीर ली जाएगी, ताकि मामले से सच्चाई का पता चले और दोषियों पर कार्रवाई हो सकें।
पिछले चार-पांच सालों में करीब 100 से अधिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऐसी है, जिसकी जांच नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से उसमें मौत की वजह क्या आया है, यह राज दबा हुआ है। ऐसे मामलों में केस दर्ज भी नहीं हो पाता है। ऐसे में कुछ मामले होते है, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोटने से मौत होना आया रहता है। ऐसे मामलों में परिजन केस दर्ज कराने में आगे नहीं आते और पुलिस भी रुचि नहीं दिखाती है और मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। वैसे-समय समय पर उच्चाधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच कराते रहते है, लेकिन लंबे समय से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच हो पाई है। एसपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि एडीजी के निर्देश के क्रम में चार-पांच सालों से लंबित पड़े पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच शुरू करा दी गई है। यदि किसी में केस दर्ज कराने की स्थिति बनेगी तो दोषी पर कार्रवाई कराई जाएंगी।