रविवार को चुनावी जनसभा को संबोिध्ात करते रालोद महासचिव जयंत चौधरी ।
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राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि भाजपा व सपा किसान विरोधी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की याद दिलाते हुए कहा कि वह कहा करते थे की देश का विकास खेत और खलिहानों से होता हुआ गुजरता है, लेकिन किसानों की सर्वाधिक उपेक्षा की गई। 1970 में गेहूं का मूल्य 76 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि 2015 में 1450 रुपये, जबकि महंगाई इससे कई गुना ज्यादा बढ़ गई। उन्होंने कहा कि धान का समर्थन मूल्य अब भी काफी कम है। किसानों का धान खरीदा ही नहीं जा रहा है, ऐसे में किसान धान औने-पौने दाम में बेचने को मजबूर है। शुगर मिल बंद पर भी उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को कोसा और कहा कि अब समय आ गया है जनता किसान विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकें।
कामता प्रसाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसपुर में रविवार को चुनावी जनसभा में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी कहते है कि किसानों के गन्ने का भुगतान 99 प्रतिशत हो गया है। यह सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि सूबे में रालोद की सरकार बनने के एक माह में किसान आयोग का गठन किया जायेगा। जिसके माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही कृषि बजट अलग से पेश किया जायेगा। छोटी जोत के किसानों को न्यूनतम मासिक आय सुनिश्चित कराने का निर्णय सरकार लेगी। फसल बीमा की किश्त राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी।
पुलिस कर्मियों की बार्डर स्कीम को समाप्त कर गृह जनपद के आसपास तैनाती की जाएगी। किसानों के लिए राज्य मार्ग टोल मुक्त किए जाएंगे। समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुये कहा कि प्रदेश में पिछले पांच साल में पांच हजार हत्याएं और दो हजार रेप की घटनाएं हुई है। पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में लोगों से वोट करने की अपील की। कानून व्यस्था प्रदेश सरकार के जिम्मे होती है, जिसमें सपा सरकार पूरी तरह फेल रही है। सभा में डॉक्टर मसूद अहमद, प्रत्याशी गंगा सिंह सैथवार, मंडल महासचिव नरसिंह, जिलाध्यक्ष रामानंद गौड़ ,पप्पू खान, अब्दुल मोहिद, राजेश कुमार, रणजीत सिंह, श्रीकांत चौधरी, राम रेखा ,अलाउद्दीन, राम शब्द चौधरी ,समीर अंसारी ,मौलाना इरफान ,अमरेंद्र आदि लोगों ने संबोधित किया।