उच्च प्राथमिक विद्यालय समदहा में लगे नल का गन्दा पानी पीने को मजबूर है बच्चे। संवाद
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कहीं चहारदीवारी बदहाल तो कहीं हैंडपंप खराब
कायाकल्प योजना से भी नहीं सुधर पाई परिषदीय स्कूलों की दशा
तिघरा(संतकबीरनगर)। परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए कायाकल्प योजना संचालित है। बावजूद इसके बघौली शिक्षा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की दशा नहीं सुधर पाई है। कहीं शौचालय बदहाल है तो कहीं हैंडपंप खराब। कई विद्यालयों में चहारदीवारी भी नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी हो रही है।
परिषदीय विद्यालय परजूडीह में 39 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। बृहस्पतिवार को 29 विद्यार्थी ही उपस्थिति थे। विद्यालय के कक्ष की स्थिति ठीक है, लेकिन शौचालय की दीवार में दरार है। वह उपयोग करने लायक नहीं बचा है। प्रधानाध्यापक दिव्या रमन ने बताया कि विद्यालय की चहारदीवारी पीछे की तरफ से टूटी गई है। शाम को परिसर में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा हो जाता है। जिसके कारण परिसर में गंदगी पसरी रहती है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय समदहा में 36 के सापेक्ष 25 विद्यार्थी उपस्थित मिले। विद्यालय में साफ-सफाई समेत सभी व्यवस्था दुरुस्त मिली, लेकिन पीने के पानी का इंतजाम नहीं था। प्रधानाध्यापक सुनील कुमार यादव ने बताया कि हैंडपंप का पानी पीने लायक नहीं है। इसके रिबोर के लिए पत्राचार किया गया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय चहारदीवारी नहीं बनी है। उच्चाधिकारियों से चहारवारी निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है।
कंपोजिट विद्यालय बकहा में 257 विद्यार्थी नामांकित हैं। 129 विद्यार्थी उपस्थित मिले। प्रभारी प्रधानाध्यापक वृंदावन सिंह ने बताया कि नामांकित विद्यार्थियों के स्कूल आने के लिए उनके अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि जिन विद्यालयों में कमियां हैं, उसे सुधारा जाएगा। नामांकित विद्यार्थियों की शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए निर्देश दिए गए हैं।