संतकबीरनगर। बखिरा क्षेत्र में मार्च माह में जानवरों से लदा पिकअप बरामद हुआ था। यह पिकअप मुरादाबाद जनपद का पाया गया था। इसमें दो आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि एक आरोपी कोर्ट में हाजिर हो गया था। वहीं चार दिन पूर्व लेडुआ महुआ चौराहे पर जानवरों को लाद रहा पिकअप भी मुरादाबाद जनपद का निकला। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कहीं मुरादाबाद जनपद के पशु तस्कर जिले में अपनी पैठ तो नहीं बना रहे हैं।
गो तस्करी बंद होने के बाद एक बार फिर से तस्करों ने जिले में अपना पैर जमाना शुरू कर दिया है। 16 मार्च को मेंहदावल से खलीलाबाद कि ओर जा रहा पिकअप भोर में करीब तीन बजे तिघरा मोड़ के निकट पिछला पहिया फट जाने से अनियंत्रित होकर दस फिट गहरे गड्ढे में जाकर पलट गया। पिकअप में लदे कुल छह गोवंश दबे हुए थे। मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से पशुओं को बाहर निकाला गया। इसमें एक गोवंश मृत अवस्था में मिला, जबकि शेष पांच गोवंश को ग्राम प्रधान को सुपुर्द कर दिया गया। पिकअप को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। नंबर प्लेट की जांच में वाहन मुरादाबाद का होना पाया गया। पुलिस ने मामले में महुली थाना और कुशीनगर जनपद के एक-एक आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा, जबकि रामपुर जनपद का एक आरोपी कोर्ट में हाजिर हो गया।
प्रदेश में प्रतिबंध होने की वजह से अन्य प्रांत में जा रहे प्रतिबंधित पशु
उत्तर प्रदेश में गोकशी एवं तस्करी पर प्रतिबंध लगने के बाद प्रतिबंधित जानवरों को बिहार व बंगाल भेजा जा रहा है। जानकारों की मानें तो पेशेवर अपराधी जेल से छूटने के बाद फिर से यही धंधा अपना ले रहे हैं। वर्ष 2017 से पहले ऐसे मामलों की संख्या सौ के पार था। इसके बाद इनमें गिरावट आई।