जिला अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक
संतकबीरनगर। बारिश और उमस के मौसम में इंपेटिगो के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। जिला में प्रतिदिन कई बच्चे से इस रोग से पीड़ित होकर आ रहे हैं। अगर त्वचा पर लाल, खुजलीदार फफोला और घाव है तो यह इम्पेटिगो रोग के लक्षण है, जो अधिकतर बारिश के मौसम में होता है।
अगर बच्चे या युवक के शरीर में कहीं पर फफोला पड़ता है और वह फूट जाता है। इसके बाद उसका मवाद जहां पर भी लगता है, वहां पर फफोला पड़ जाता है। जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 15 मरीज इससे पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना 90 से 110 मरीज त्वचा रोग से पीड़ित होकर आते हैं। इसमें से 10 से 15 मरीज इंपेटिगों लक्षण के आ रहे हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एसबी गौतम ने बताया कि इम्पेटिगो रोग में स्टैफ ओरियस एक बैक्टीरिया है, जो त्वचा पर होता है। यह रोग सबसे अधिक बच्चों में बारिश के मौसम में होता है।
इसमें त्वचा पर लाल, खुजलीदार फफोला हो जाता है। अगर फफोला फूट जाता है तो उसका मवाद जहां पर भी लगेगा वहां पर फफोला पड़ जाएगा। इसका इलाज एंटीबायोटिक क्रीम और दवाइयां ही है। डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही दवाइयों का सेवन करें। सभी सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि इसमें लापरवाही नहीं बरती चाहिए। दाने निकलने के बाद तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।