संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी द्वितीय) विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट देवेन्द्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट ने तीन भाइयों समेत छह को उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर दो वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
तत्कालीन थानाध्यक्ष धनघटा विजय कुमार सिंह ने 29 नवंबर 2011 को आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कराया था। आरोप था कि इनका एक संगठित गैंग है। इसके सदस्य गण निवासी चकिया धुसवा थाना धनघटा के है। अपराध करके अपने-अपने गैंग के सदस्यों के लिए आर्थिक भौतिक लाभ अर्जित किए हैं। गैंग का समाज में खुलेआम घूमना विचरण करना समाज हित में उचित नहीं है। तहरीर के आधार पर थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ।
विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय/विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट देवेन्द्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट में आरोपियों ने बिना किसी दबाव के अपराध स्वीकार किया।
कोर्ट ने दोषी राकेश यादव, अमरजीत यादव, जयशंकर यादव, राम सहाई यादव, सभाजीत यादव व अनिल कुमार यादव को जुर्म स्वीकारने के आधार पर उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम में दोष सिद्ध करते हुए सभी छह दोषियों को गैंगस्टर एक्ट में 2 वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को 10 दिवस कारावास में और बिताना होगा।