धर्मसिंहवा। नेपाल में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी के बाद वहां हाई अलर्ट है। भारत में रहने वाले रिश्तेदार लगातार हालचाल ले रहे हैं। इस घटनाक्रम से लोगों में चिंता का माहौल बना है। हालांकि नेपाल के बुटवल और भैरहवा क्षेत्र में फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है लेकिन बाढ़ की भयावहता को लेकर लोग काफी परेशान हैं।
नेपाल में काफी अरसा पहले जाकर बसे अपने लोगों से भारत में रह रहे उनके रिश्तेदार लगातार संपर्क में बने हैं। सुबह-शाम फोन से लोग अपने परिजन का हालचाल ले रहे हैं।
धर्मसिंहवा के मूल निवासी नेपाल के बुटवल में रह रहे पवन जायसवाल ने बताया कि बुटवल से नारायणी नदी की दूरी लगभग 100 किलोमीटर है और उनके क्षेत्र में फिलहाल स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि वहां किसी प्रकार का विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
वहीं छिबरा निवासी रूपंदेही जिले के बसंत नगर निवासी गौरी शंकर साहनी ने बताया कि उनके निवास स्थान से कुछ ही दूरी पर नारायणी की एक छोटी शाखा बहती है। यदि उसमें बाढ़ आती है तो क्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो सकती है।
बसंत नगर निवासी नर्वदा लाल साहनी ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में बाढ़ की इतनी बड़ी विभीषिका पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर टूटने के बाद हुई इस घटना ने नेपाल के साथ-साथ भारत के लोगों को भी हिला कर रख दिया है।
छिबरा के रहने वाले भैरहवा निवासी जितेंद्र व गंगा रामपाल ने बताया कि सबसे अधिक समस्या रसुआ जिले में हुई है, जो तिब्बत सीमा के समीप है। उन्होंने बताया कि इस आपदा के कारण कोसी नदी के साथ-साथ नारायणी (त्रिशूला) नदी तंत्र भी प्रभावित हुआ है, जिससे कई क्षेत्रों में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई।
उन्होंने बताया कि भारत से नेपाल भेजी जाने वाली खाद्य सामग्री समेत अन्य आवश्यक सामान त्रासदी के कारण भारत-नेपाल सीमा पर ही रुकी है। समय पर खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान नेपाल नहीं पहुंचा तो वहां आवश्यक वस्तुओं की समस्या और बढ़ सकती है।