- दो इंटर कॉलेज समेत 20 राजकीय कॉलेज हैं जिले में है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले के राजकीय विद्यालयों से अब सरप्लस शिक्षकों को हटाया जाएगा। इसके लिए विद्यालय वार शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है। जिन विद्यालय में शिक्षकों की कमी होगी उन्हे वहां पर तैनात किया जाएगा। स्थानांतरण की डर से शिक्षक डीआईओएस कार्यालय का चक्कर लगाना शुरू कर दिए है।
शासन ने राजकीय इंटर कॉलेज व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों के स्थानान्तरण के लिए वर्ष 2023-24 की विभागीय स्थानान्तरण नीति निर्गत की है। स्थानान्तरण नीति के अनुसार शिक्षकों के विषयवार शासनादेशों में निहित मानकों, शिक्षक-छात्र अनुपात में तैनाती हेतु अग्रेतर कार्यवाही नियमानुसार की जानी है। इस हेतु विद्यालय, सवंर्गवार शिक्षकों को सरप्लस की सूची तैयार की जाएगी। सरप्लस चिंह्नित करते समय यह देखा जाएगा कि जिन शिक्षकों के विद्यालय में आने से शासनादेश में निहित मानकों, शिक्षक-छात्र अनुपात में विचलन उत्पन्न हुआ है, ऐसे शिक्षकों को सरप्लस घोषित करते हुए सरप्लस शिक्षकों एवं रिक्तियों की सूचना विद्यालयवार विषयवार एवं सवंर्गवार निर्धारित प्रारूप पर सूचना प्रेषित की जाएगी। डीआईओएस कार्यालय में जिले के राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि ऐसे सरप्लस शिक्षकों की सूची दिए गए प्रारूप पर तैयार कर भेज दिया। जिससे की शासन को अवगत कराया जा सके और जिस विद्यालय में शिक्षक कम हो वहां पर स्थानांतरित किया जा सके। शासन के इस फरमान के बाद सरप्लस शिक्षकों में खलबली मची हुई है और वह डीआईओएस कार्यालय से अपना नाम कटवाने के लिए भाग दौड़ कर रहे है। जिले में दो राजकीय इंटर कॉलेज और 18 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है।
राजकीय विद्यालयों में सर प्लस शिक्षकों की सूचना मांगी गई है। प्रधानाचार्यों को प्रारूप दिया गया है। उसी प्रारूप पर सूचना देनी है। सूचना आने के बाद उसे निदेशालय को भेज दिया जाएगा।
- ओम प्रकाश मिश्र, डीआईओएस