मगहर(संतकबीरनगर)। मगहर महोत्सव की पहली रात शनिवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरे की महफिल सजी थी। कवि व शायरों ने अपने अंदाज से सभी गुदगुदाया तो गंभीर बातें कहकर लोगों को चिंतन पर विवश कर दिया। कड़ाके की ठंड में भी देर रात तक लोग कवियों व शायरों की हौसला आफजाई करते रहे।
पहले कवि व शायरों को स्मृति चिह्न और अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया। शायर काबिश रूदौलवी ने तेरी कुदरत बेमिसाल अल्लाहो, सबमें तेरा ही जमाल अल्लाहो कलाम पढ़ा। काशी से आईं कवयित्री पूनम श्रीवास्तव ने ‘पग तल बसा ले जननी’ सुनाकर मां सरस्वती की आराधना की। अबरार गोरखपुरी ने ‘जमुना की तरंग मेरी गंगा की लहर मेरी’ सुनाया। संचालन कर रहे हरिनारायण हरीश ने हिंदी-उर्दू जुगलबंदी की वकालत करते हुए पढ़ा ‘जब से उर्दू से मोहब्बत हो गई, मेरी हिंदी और अच्छी हो गई’। कवयित्री शिखा श्रीवास्तव ने ‘यादों की गुलिस्तां में चाहत की हवा रखना, मिलने की उम्मीदों में मौसम को हरा रखना’ सुनाकर माहौल को रंगीनी दी। पटना से आए कवि शंकर कैमूरी ने संत कबीर को समर्पित कविता ‘हक बात जब भी कोई इंसान बोलता है, उसकी जुबां पर गोया कुरान बोलता है’ सुनाया तो पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शायरा चांदनी शबनम ने ‘रस्मो रिवाजों की जंजीर तोड़ के आ गई, ले मैं तेरे वास्ते सब कुछ छोड़ के आ गई’ सुनाया। शायर काविश रूदौलवी की रचना ‘ये चुंदरी तेरी सलमा सितारों वाली और जिस्म मेरा निचोड़ कर देखो, हिंदी की रोटी उर्दू का पानी है’ पर भी खूब वाहवाही लूटी। कवयित्री पूनम श्रीवास्तव ने ‘अनमोल शहर की मैं अनमोल निशानी हूं, सुबह-ए-बनारस हूं, गंगा की रवानी हूं’ सुनाकर वाहवाही लूटी। शायर अम्बर बस्तवी ने मुझसे जो भी खुशी से मिलता है, दिल मेरा भी उसी से मिलता है सुनाया। भोजपुरी कवि डॉ. कमलेश राय ने ‘उ धरती क धूर भारत बेटा हउवे मजूर के’ सुनाकर आम आदमी के दर्द को बयां किया। शायरा शाइस्ता सना ने ‘कभी खुशबू समझती हूं कभी संदल समझती हूं, मैं अपने आंसू को गंगाजल समझती हूं’ सुनाया। अध्यक्षता कर रहे मशहूर शायर कुंवर जावेद ने ‘दिवालियों पे वो ईदों पर क्यों नहीं लिखते, सभी की सोई हुई उम्मीदों पे क्यों नहीं लिखते, किताब लिखने का ही शौक है तो नेताओं, मेरे वतन के शहीदों पर क्यों नहीं लिखते’ सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रात में तीन बजे तक चले इस कार्यक्रम में कवयित्री संज्ञा तिवारी, शायर महमूद खान, कवि पवन श्रीवास्तव, शायर असद निजामी, सारिक खलीलाबाद, ताराचंद तन्हा आदि ने भी रचनाएं पढ़ीं।इस मौके पर सीडीओ हाकिम सिंह, सीओ सदर रमेश कुमार, एसओ धनघटा करुणाकर पांडेय, प्रभारी कोतवाल मनोज कुमार, एसआई धर्मेंद्र तिवारी, चौकी इंचार्ज शर्मा सिंह यादव, वेदप्रकाश चौबे, नासिर अली खान, सैय्यद शमीम, अवधेश सिंह, जिया अंसारी, बब्बू सिंह, मेराज खान आदी लोग मौजूद रहे।