संतकबीरनगर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बुधवार को जिले के सभी बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बैंकों के विलय का विरोध किया। वेतन वृद्धि की मांग की। हड़ताल के चलते बैंकों में ताला लटका रहा। हड़ताल के चलते करीब 40 करोड़ का लेनेे देन प्रभावित होने का अनुमान है।
बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक, देना बैंक के विलय के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स, इलाहाबाद बैंक, एचडीएफसी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया आदि के अधिकारी व कर्मचारी कार्य से विरत रहे। इस दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्टेट बैंक के सामने एकत्र होकर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन के जिला महामंत्री विजय कुमार सिंह ने कहा कि बैंकों के विलय का फैसला सरकार ने मनमाने ढंग से किया है। उन्होंने कहा कि बैंकों का विलय न तो अर्थव्यवस्था, न ही बैंक और उपभोक्ता के हित में है। उन्होंने कहा कि यदि मांगे पूरा नहीं हुई तो आठ व नौ जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान जितेंद्र चौधरी, चंद्रभान, सानू रौनक, गौतम, सुधाकर मौर्य, गनेश यादव, नोमान फरीदी, प्रवीन कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। उधर, ट्रेड यूनियन काउंसिल के अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता ने हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारत में बैंक कम हैं। हजारों गांव में बैंक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में बैकों का विलय उचित नहीं है।