संतकबीरनगर। सैन्य कर्मी साढू को फंसा कर जेल भेजवाने की साजिश के तहत मुख्य आरक्षी ने खुद को गोली मारी थी। पुलिस ने सोमवार को आरोपी मुख्य आरक्षी को गिरफ्तार किया और पूछताछ के बाद मामले का पर्दाफाश किया। पुलिस ने आरोपी मुख्य आरक्षी की निशानदेही पर फुलवरिया गांव से घटना ने प्रयुक्त 32 बोर के अवैध पिस्टल और खोखा को बरामद कर लिया।
कोतवाल सर्वेश राय ने बताया कि बखिरा क्षेत्र के रक्शा कोल निवासी 32 वर्षीय अमित यादव को तीन अप्रैल की रात कोतवाली क्षेत्र के फुलवरिया में रहस्यम हाल में गोली लगी थी। गोली मुख्य आरक्षी के पेट के बारे तरफ लगी थी। इस मामले में प्रिंस यादव ने गोली मारने का आरोप अपने साढू व फुलवरिया निवासी सैन्य कर्मी सुरेंद्र यादव पर लगाया था। सैन्य कर्मी पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही थी।
मुख्य आरक्षी अमित यादव गोंडा पुलिस लाइंस में तैनात था। सोमवार को मुख्य आरक्षी अमित यादव को पूछताछ के लिए लाया गया। पूछताछ में मुख्य आरक्षी अमित यादव ने बताया कि उसकी साली पांच साल तक उसके साथ रही। इस दौरान वह साली को एकतरफा पसंद करने लगा। 11 मार्च 2023 को साली की शादी कोतवाली क्षेत्र के फुलवरिया निवासी सैन्य कर्मी सुरेंद्र यादव के साथ हुई। उसके बाद साली ने उसका मोबाइल फोन नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। इस वजह से वह परेशान हो गया।
अमित ने अपने साढ़ू सैन्य कर्मी सुरेंद्र यादव को सुनियोजित तरीके से फंसाने के लिए अपने भाई प्रिंस यादव, उपेंद्र सिंह उर्फ मिंटू सिंह निवासी जानकी नगर कॉलोनी, थाना कोतवाली नगर, जनपद बहराईच और भानु शुक्ला निवासी स्टेशन रोड, गोंडा के साथ मिलकर साजिश रची थी। तीन अप्रैल की रात करीब दस बजे फुलवरियां गांव के बाहर पिस्टल से अपने पेट में खुद गोली मार ली। उसके बाद गोली मारने का आरोप अपने साढू सुरेंद्र यादव पर लगाकर हत्या के प्रयास का केस दर्ज करवा दिया।
आरोपी मुख्य आरक्षी की निशानदेही पर फुलवरिया गांव के सिवान से घटना में प्रयुक्त 32 बोर का अवैध पिस्टल और मैगजीन तथा एक फायर खोखा बरामद किया गया। विवेचना से दर्ज मुकदमे में आरोपी सुरेंद्र यादव की नामजदगी गलत मानते हुए साजिश रचने वाले मुख्य आरक्षी अमित यादव व उनके भाई प्रिंस यादव और उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ आपराधिक दुष्प्रेषण, झूठी सूचना देना व मिथ्या आरोप लगाने के आरोप में केस दर्ज किया गया। आरोपी मुख्य आरक्षी का चालान कर दिया गया।