मेंहदावल। तहसील में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए टिन शेड की व्यवस्था नहीं है। खुद के पैसे से टिन शेड डालकर अधिवक्ता बैठते हैं। परिसर में अधिवक्ताओं के लिए लाइब्रेरी की भी व्यवस्था नहीं है।
मेंहदावल तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए टिन शेड की व्यवस्था नहीं है। यहां अधिवक्ता अपना पैसा खर्च कर टिन शेड बनाकर प्रैक्टिस कर रहे हैं। पांच सितंबर 1997 को मेंहदावल तहसील बना। काफी समय तक यह किराए के भवन में चलता रहा। अपना भवन तथा परिसर पाने के बाद भी यहां प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को खुद के बैठने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीं अधिवक्ताओं के लिए पुस्तकालय की व्यवस्था नहीं है।
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अधिवक्ताओं ने अपने खर्चे से तहसील में बैठने की व्यवस्था बना रखी है। तहसील प्रशासन या किसी जनप्रतिनिधि ने अधिवक्ताओं के बैठने के लिए टिन शेड की व्यवस्था करने में रुचि नहीं दिखाई।
-रामकुमार यादव, अध्यक्ष, तहसील बार एसोसिएशन
अधिवक्ताओं की मांग पर परिसर में लाइब्रेरी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय विधायक ने आश्वासन दिया था लेकिन अब तक लाइब्रेरी की व्यवस्था नहीं हो पाई।
-दिलीप कुमार भट्ट,
परिसर में अधिवक्ताओं के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अध्ययन के लिए लाइब्रेरी नहीं है। स्वच्छता का अभाव है। सैकड़ों अधिवक्ता इस परिसर में प्रैक्टिस करते हैं।
-विजय मिश्रा, मंत्री, तहसील बार एसोसिएशन
परिसर में बैठने के लिए अधिवक्ताओं के लिए व्यवस्था नहीं है। टिन शेड डाल कर किसी तरह परिसर में अधिवक्ता वादकारियों को न्याय दिलाने के लिए दिन रात लगे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस दिशा में ठोस पहल नहीं कर रहे हैं।
-अरविंद चौधरी