संतकबीरनगर। निरीक्षरों का सर्वे करने के लिए अब शिक्षामित्रों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसी माह में शुरू होने वाले अभियान की प्रशिक्षण एप से मॉनीटरिंग होगी। प्रधानाध्यापक भी इस पर नजर रखेंगे।
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 साल से ज्यादा आयु के निरक्षरों को चिह्नित करने का अभियान चलाया जाना है। यह काम अभी तक परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक करते थे लेकिन अब इसमें शासन स्तर से बदलाव किया गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी हुए निर्देश के तहत अब यह काम शिक्षामित्रों से कराया जाएगा। शिक्षामित्र अपनी तैनाती स्थल वाले गांवों में घर-घर दस्तक देंगे। निरक्षरों को चिह्नित करते हुए उनका ब्योरा जुटाएंगे।
साथ ही वह रिपोर्ट प्रधानाध्यापक को सौंपेंगे। सर्वे की बारीकी समझाने के लिए शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। वहीं बाद में अभियान चलाकर निरक्षरों को शिक्षित बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। संवाद