संतकबीरनगर। 12 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ ही शादी की शहनाई बजनी शुरू हो जाएगी। नवंबर के बाद दिसंबर माह में भी शादी समारोह की धूम रहेगी। इस बीच कुल 18 दिन शुभ मुहूर्त रहेंगे। ज्योतिषाचार्य सुजीत ने बताया कि 17 जुलाई से 11 नवंबर तक चातुर्मास के कारण शादी और अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। 12 नवंबर से शादी का शुभ मुहूर्त शुरू होगा।
मान्यता है कि आषाढ़ माह के देवशयनी एकादशी से चतुर्मास की शुरूआत होती है। साथ ही मांगलिक कार्य रुक जाते हैं। इस वर्ष 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी से मांगलिक कार्य रुके थे। 118 दिन बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देवोत्थान एकादशी 12 नवंबर को भगवान विष्णु योग निद्रा से जागेंगे।
इसी दिन तुलसी और शालिग्राम की शादी होगी। इसी के साथ शादियां होने लगेंगी। ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज और समय माता मंदिर के पुजारी पंडित बृजेश मिश्र ने बताया कि हरिप्रबोधिनी एकादशी का व्रत 12 नवंबर को मनाया जाएगा। 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक एक महीने का खरमास के कारण विवाह नहीं होंगे। मकर संक्रांति के बाद फिर से शादियां शुरू हो जाएंगी।
शादी की बुकिंग जोरों पर : देवउठनी एकादशी के साथ ही शादी की तैयारियों का दौर भी जोर पकड़ लेता है। शादी भवन, बैंड-बाजा और कैटरिंग सेवाओं में बुकिंग की होड़ लगी हुई है। कैटरिंग, डेकोरेशन और बैंड-बाजा से लेकर फोटोग्राफी और अन्य सेवाओं के लिए भी बड़ी संख्या में लोग बुकिंग कराने में जुटे हुए हैं। मैरिज हॉल की मांग इतनी बढ़ चुकी है कि लोग कुछ महीनों पहले से ही बुकिंग करवाने लगे हैं, ताकि उन्हें मनचाहा स्थान मिल सके।