बैंकों के सहयोग से आगे बढ़ेंगे स्वयं सहायता समूह : सीडीओ
संतकबीरनगर। बैंकों के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता दिलाकर आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें जिला व ब्लॉक मिशन प्रबंधक, बैंक सखी को आपसी सामंजस्य स्थापित करना होगा। समूहों को रोजगार के नए-नए आयाम तलाशने की दिशा में अग्रसर रहने की जरुरत है। यह बातें सीडीओ अतुल मिश्र ने सोमवार को विकास भवन के सभागार में सूत्र वित्त एवं वित्तीय समावेशन विषय पर आयोजित कार्यशाला में कहीं।
सीडीओ ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संबंध में बैंकर्स को विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि स्वयं सहायता समूहों के बचत खाता एवं बैंक क्रेडिट लिंकेज में बैंक प्रबंधकों का सहयोग मिले। स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को अधिक से अधिक गतिविधियों से जोड़ा जा सकें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए महिला सशक्तीकरण की दिशा में अच्छा प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज संस्थान हैदराबाद के नेशनल रिसोर्स पर्सन एस सुंदर ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने जिले के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में स्वयं सहायता समूह व संगठन की भूमिका पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज संस्थान हैदराबाद के नेशनल रिसोर्स पर्सन राजन बाबू ने स्वयं सहायता समूहों को प्राप्त होने वाले रिवाल्विंग फंड एवं सामुदायिक निवेश निधि, सीसीएल सीबीआरएम, बैंक सखी के संबंध में बताया।
इस दौरान डीसी एनआरएलएम जीशान रिजवी, एडीओ आईएसबी अशोक गुप्ता, लीड बैंक के मैनेजर दिवाकर पांडेय, अनिल श्रीवास्तव, प्रदीप त्रिपाठी, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।