फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वित्त विहीन शिक्षकों ने किया बुद्धि शुद्धि यज्ञ

Tue, 20 Mar 2018 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन कर यज्ञ करते वित्त विहीन शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेेश माध्यमिक शिक्षक संघ वित्त विहीन गुट के पदाधिकारियों ने प्रदेश और केंद्र सरकार के लिए मंगलवार को बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया। यज्ञ में आहुतियां डाली और सरकारों को वित्त विहीन शिक्षकों के पक्ष में फैसले लेने के लिए भगवान से प्रार्थना की। अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष समय देव पांडेय ने की।
विज्ञापन


 जीजीआईसी में जिलाध्यक्ष समय देव पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। वित्त विहीन शिक्षक सम्मान जनक मानदेय की आस लगाए हैं। लगातार सरकार से संपर्क में हैं, पर सरकार उनके आंदोलन को दबाने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि बुद्धि शुद्धि यज्ञ कर सीएम, पीएम और माध्यमिक शिक्षा मंत्री की बुद्धि ठीक करने के लिए आहुतियां डाली गई हैं ताकि वे जागे और वित्त विहीन शिक्षकों के पक्ष में कोई सकारात्मक निर्णय लें।

संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी सत्येंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार जब तक वित्त विहीन शिक्षकों की समस्याओं का सकारात्मक समाधान नहीं करती है तब तक मूल्यांकन बहिष्कार जारी रहेगा। कोई भी वित्त विहीन शिक्षक मूल्यांकन कार्य नहीं करेगा।
विज्ञापन


इस दौरान शैलेंद्र कुमार, राम रोहित, श्याम लाल, गजेंद्र त्रिपाठी, विजय प्रकाश, अशोक यादव, शंभू शरण, दिनेश कुमार, अवधेश साहनी, आशुतोष पाठक, आलोक कुमार पाठक, चक्रपाणि, ओम प्रकाश मिश्र, ब्रह्मदेव, इंद्रसेन राय, अशोक चौधरी, सत्य नारायण चौरसिया, रामानंद गौड़, राम सुंदर यादव, श्याम धर सिंह, संतोष कुमार, विनीत कुमार, रामदरश, अनिरूद्घ शर्मा, सुनील कुमार, अरविंद कुमार, दयाशंकर, गणेश चौरसिया समेत अन्य मौजूद रहे।

वित्तविहीन शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही सरकार: संजय
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री संजय द्विवेदी ने मंगलवार को वित्त विहीन शिक्षकों के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। कहा कि सरकार वित्त विहीन शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है। नियमावली बनाकर शिक्षकों की सेवाओं को संरक्षित किया जाए और संतोषजनक मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही धारा सात ‘क’ को समाप्त कर विद्यालय को वेतन वितरण अधिनियम के दायरे में लाया जाए।

20194 उत्तर पुस्तिकाओं का हुआ मूल्यांकन
संतकबीरनगर। मंगलवार को दोनों केंद्रों पर 20194 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ। जीजीआईसी की उप नियंत्रक आशा यादव ने बताया कि उनके यहां इंटर की 10942 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हुई है। 28 डिप्टी हेड और 229 परीक्षक शामिल रहे। एचआर इंटर कॉलेज के उप नियंत्रक राम कुमार सिंह ने बताया कि उनके यहां हाईस्कूल की 9252 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ है। 44 डिप्टी हेड और 259 परीक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें