मगहर। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गड़सरपार के एक निजी विद्यालय में मंगलवार को मानसिक तनाव से बचने व इसके कारण होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान चार मनपरी व चार मनदूत का भी चयन करने के साथ ही 4 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सवालों के सही जवाब देने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सम्मानित किया गया। इससे पूर्व भी पांच स्कूलों में मनपरी और मनदूत का चयन हो चुका है।
जिला अस्पताल के क्लीनिकल साइक्लोजिस्ट डॉ. तन्वांगी मणि शुक्ला ने कहा कि आज मानसिक तनाव लोगों की बड़ी समस्या बन गई है। इसके कारण लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ जा रहे हैं। जिसे दवा व काउंसलिंग के जरिये ठीक किया जा सकता है। कहा कि ज्यादातर देखा गया है कि थोड़ा सा मानसिक तनाव होने पर लोग इलाज के बजाय झाड़ फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं। इससे इलाज तो नहीं होता लेकिन मन को संतुष्टि जरूर मिल जाती है और जानकारी के अभाव में मर्ज को बढ़ा लेते हैं। इससे सतर्क रहें और अपना ठीक से इलाज कराए।
सोशल वर्कर अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि मानसिक तनाव का असर पूरे परिवार पर पड़ता है। इससे घर का माहौल खराब तो होता ही है साथ ही साथ काम भी प्रभावित होता है। सैकटिक नर्सिंग अफसर सतीश गौड़ ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान महजबीन खातून कक्षा 9, नाजिया कक्षा 10, कैसर शेख कक्षा11, गुड़िया कक्षा 12 को मनपरी और दीपक कुमार कक्षा 9, अबहुजैफा शाह कक्षा1 0, सफीर खान कक्षा 11, शाहिद खान कक्षा 12 को मनदूत के रूप में चयन किया गया। इस दौरान शाइस्ता खातून, हाजरा खातून, अंजली चौरसिया, शाहनवाज को क्विज प्रतियोगिता में विजेता होने पर सम्मानित किया गया।
जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग के सोशल वर्कर अमरेंद्र कुमार ने बताया कि कुल 280 स्कूलों की सूची मिली है। इसमें से झीनखान, उजरौटी कला समेत पांच विद्यालयों में कार्यक्रम हो चुका है। अधिक से अधिक विद्यालयों में जाकर मनपरी और मनदूत का चयन करने का लक्ष्य है।
इस मौके पर मोहम्मद खालिद खान, सिकन्दर कुमार, मोहम्मद अयूब, विन्दा देवी, आकिब खान, सौरभ कुमार, रानू, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।