महराजगंज जनपद में छह साल पूर्व हुए शिक्षक नेता सुरेंद्र मणि त्रिपाठी की हत्या का पर्दाफाश न होने से नाराज प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम को दिया।
प्राथमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने कहा कि महराजगंज जनपद में छह साल पहले एक अमानवीय घटना का पर्दाफाश आज तक नहीं हो सका है। शिक्षक हित के लिए लड़ने वाले प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मणि त्रिपाठी की हत्या नौ मई 2010 को भ्रष्टाचार में लिप्त एक बीएसए के द्वारा इसलिए कर दी गई कि सर्वशिक्षा अभियान के तहत एक करोर्ड 98 लाख रुपये का घोटाला फर्जी चेक के माध्यम से हजम कर लिया गया था। इसकी भनक शिक्षक नेता को लग चुकी थी। वह इस घोटाले का पर्दाफाश करने वाले थे, लेकिन उनको रास्ते से हटा दिया गया। इस मामले में तत्कालीन बीएसए के अलावा तमाम सफेद पोश लोग है जिनका इस मामले में दामन दागदार है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस विभाग का दामन दागदार है। ऐसा इसलिए की हत्या के मामले की दुर्घटना दिखाने के लिए पुलिस विभाग के द्वारा पूरा इंतजाम कर दिया गया। हैरत की बात यह है कि परिजनों द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। चौकीदार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ। शिक्षक नेता के पुत्र ने जब आमरण अनशन और विरोध प्रदर्शन् कियातो विभाग हरकत में आया और लिखित आश्वासन के बिना विवेचना दस दिन में पूरी कर एफआर लगा दी गई। उन्होंने कहा कि शिक्षक नेता की हत्या की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। जिससे की लोकतंत्र की रक्षा हो सके। इस अवसर पर संरक्षक गंगा प्रसाद यादव, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश यादव, विजय नाथ यादव, जयराम वर्मा, रामनाथ यादव समेत अन्य मौजूद रहे।