धनघटा क्षेत्र के परसा गांव में कोटेदार चयन करने के लिए गुरुवार को बुलाई गई खुली बैठक में मतदान कराने की मांग को लेकर ग्रामीण उग्र हो गए। सचिव को मारपीट कर उसके हाथ से कार्यवाही रजिस्टर छीन लिए। इससे अफरा तफरी का माहौल कायम हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई और उपद्रव करने वाले छह लोगों को हिरासत में ले ली। छीने गए रजिस्टर को भी पुलिस ने बरामद करके सचिव को दे दिया।
परसा गांव में कोटे की दुकान काफी दिनों से रिक्त चल रही थी। नई दुकान का चयन करने के लिए गुरुवार को गांव सभा की खुली बैठक बुलाई गई। इसमें रीना पत्नी मूलचंद, भारती पत्नी सुरेंद्र, रामभवन पुत्र हिसाबी और नेबूलाल पुत्र रामअधार कोटे की दुकान के लिए अपनी- अपनी दावेदारी पेश किए। दुकान का चयन कराने गए एडीओ पंचायत अयोध्या प्रसाद और सचिव अशोक यादव ने गांव के लोगों से कहा कि जिसे कोटेदार चुनना चाहते है, उसके साथ जाकर खड़े हो जाए। गांव के लोग अपने अपने चाहत के दावेदारों के साथ खड़ा हुए तो रीना देवी के साथ गिनती में 175 लोग खड़े मिले। दूसरे दावेदारों के साथ कम लोग दिखे। इस पर तीनों दावेदार मतदान कराने की मांग करने लगे। मतदान कराने में जब अधिकारी असमर्थता व्यक्त किए तो गांव के लोग उग्र हो गए। आपस में नोकझोंक करते करते सेक्रेट्री के पास पहुंच गए। उसके हाथ से कार्यवाही रजिस्टर छीनने लगे। जब रजिस्टर छीनने में असफल होना मालूम हुआ तो सचिव को मारने पीटने लगे और उसके हाथ से रजिस्टर छीन लिए। इसी बीच किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस छह लोगों को पकड़ ली और उनसे कार्यवाही रजिस्टर बरामद की। चौकी इंचार्ज विनोद कुमार ने बताया कि नेबूलाल, कलीमुल्लाह, रामानंद, सुरेंद्र, लालचंद और धर्मराज को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। आगे बताया कि पचरा गांव में भी कोटे की दुकान का चयन किया गया जिसमें इंद्रजीत को गांव के लोगो ने सर्व सम्मति से कोटेदार चुन लिया।