बखिरा झील में भ्रमण करते पक्षी।
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पक्षियों की चहचहाहट से बखिरा झील की रमणीयता बढ़ गई है। लोग भी सैर करने आ रहे हैं, पर इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 5,000 पक्षी घट गए हैं। यह तब है, जब वन विभाग के अफसर इस वर्ष मौसम को अनुकूल बता रहे हैं। पिछले वर्ष जहां 35,000 पक्षी आए थे, वहीं इस वर्ष 30,000 पक्षियों के यहां आने का अनुमान है।
यूरोप, रूस, साइबेरिया से लंबी दूरी तक करके प्रवासी पक्षी बखिरा झील में प्रत्येक आते हैं। इस वर्ष भी झील में तरपल, मुरेन, जखाना, ई ग्रेट, पिजनटील, गेगरी, मखानी, जांगिल, लालसर, पटियरा, टिकिया, नीलसर, कामनड्रिल, रेडक्रेस्टेड, रेडक्रेस्टेड प्रोचर्ड शवाह जैसे प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट दिनभर सुनाई दे रही है।
वन क्षेत्राधिकारी सुरेश राम ने बताया पक्षी विहार इस साल मौसम अनुकूल होने के बावजूद पक्षियों की आवक घटी है। वैसे करीब 30,000 पक्षियों के आने का अनुमान है, जिसमें 250 की संख्या में लालसर पक्षी आए हैं। पक्षियों के शिकार पर रोक लगाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। अलग- अलग तिथियों में इस साल अब तक कुल 10 शिकारियों को पकड़ा गया था। एक मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जबकि शेष मामलों में 40,000 रुपये जुर्माना वसूला गया है।