सांथा विकास खंड के इमिलिया का अनियमितता में निलंबित हुआ कोटा बंजरिया गांव के कोटे से अटैच होने का मामला तूल पकड़ रहा है। शिकायतकर्ता अब्दुल रहमान के जरिए डीएम को कोटा संबद्ध करने का प्रार्थना पत्र दिया गया और कार्रवाई के लिए एसडीएम के सामने पहुंचा। जांच पत्र में एसडीएम ने अपना फर्जी हस्ताक्षर देखकर चौंक गए। जांच में यह आदेश एआरओ मेंहदावल के जरिए जारी करने का मामला प्रकाश में आने पर एसडीएम ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए डीएम को पत्र भेजा है।
सांथा विकास खंड के इमिलिया के कोटेदार के विरुद्ध ग्रामीणों की शिकायत पर जांच हुई। अनियमितता की पुष्टि होने पर कोटा निलंबित कर दिया गया था। 20 अक्टूबर को एसडीएम के हस्ताक्षर से निलंबित कोटा ग्राम बंजरिया के कोटेदार से संबद्ध करने का आदेश भी जारी हो गया। इसी बीच इमिलियां निवासी अब्दुल रहमान आदि ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर संबद्धता अन्य जगह करने की गुहार लगाई। कार्रवाई के लिए डीएम ने प्रार्थना पत्र एसडीएम को भेज दिया। एसडीएम रामजीवन ने बताया कि इमिलिया ग्राम पंचायत के कोटे की दुकान को संबद्ध करने का आदेश पत्र उनके जरिए जारी नहीं किया गया है। एआरओ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एसडीएम पदनाम से उनका हस्ताक्षर स्वत: बनाकर आदेश पत्र जारी कर दिया।
जो पूर्णत : गलत एवं राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के विरुद्ध है। फर्जी हस्ताक्षर से जारी इस आदेश को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई की संस्तुति के साथ डीएम को पत्र भेजा गया है। जबकि एआरओ मीरा राय का आरोप था कि एसडीएम के जरिए उनके विरूद्ध भेजा गया डीएम को पत्र कालाबाजारी को जाते वक्त पकड़े गए केरोसिन मामले में उनके स्तर से की गई कार्रवाई से प्रेरित है। इस तरह का कोई आदेश उनके जरिए नही जारी किया गया है, जो नियम विरुद्ध हो। एसडीएम द्वारा इस संबंध में यदि स्पष्टीकरण मांगा जाता है तो उसे वह समय से देंगी।