संतकबीरनगर। जिले में इंस्पायर अवाॅर्ड में विद्यालय रूचि नहीं दिखा रहे हैं। जिसके चलते मात्र 49 प्रतिशत ही आवेदन हो सका है। शासनस्तर की समीक्षा में यह मामला खुला है। जिसके बाद डीआईओएस ने इन विद्यालयों पर नाराजगी जताते हुए लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया है। लक्ष्य पूरा न होने पर कार्रवाई की बात कही है।
जिले में इंस्पायर अवाॅर्ड के लिए कुल 3885 छात्रों का लक्ष्य मिला है। इसके लिए सभी विद्यालयों को पांच-पांच छात्रों का नामांकन कराना है। जिले में अभी तक ज्यादातर विद्यालयों ने इसमें रूचि नहीं दिखाई है। जिसके चलते नामांकन की संख्या काफी कम हो गई है। जो अभी तक मात्र 1909 ही नामांकन हो पाया है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर है। शेष बचे छह दिनों में 1976 बच्चों से योजना के लिए आवेदन कराना और निर्धारित लक्ष्य पूरा कर पाना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
जबकि योजना के तहत हर स्कूल से पांच-पांच नामांकन का लक्ष्य रखा गया था। शिक्षा विभाग के मुताबिक इंस्पायर अवाॅर्ड योजना का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है। सत्र 2025-26 में योजना के तहत राजकीय और निजी माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा छह से 12वीं तक और परिषदीय विद्यालयों के कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए आवेदन मांगे गए थे। पूर्व में यह योजना कक्षा छह से 10 तक के छात्र-छात्राओं के लिए थी।
सरकार ने इस बार योजना के पात्रता मानदंड में 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को भी शामिल किया। इसमें पंजीकृत विद्यालयों की ओर से पांच सर्वश्रेष्ठ छात्र-छात्राओं के विचारों को वेब पोर्टल पर ऑनलाइन कर नामांकन किया जाना है। जिले के 1600 विद्यालयों के लिए 3885 नामांकन का लक्ष्य रखा गया है। हर स्कूल से पांच नामांकन अपलोड करने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
यही वजह है कि मंगलवार तक कुल 1909 नामांकन ही हो सके थे। नामांकन की खराब स्थिति पर डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। चेताया है कि नामांकन में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।ौ